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AAP को बड़ा झटका: सात सांसद BJP में शामिल, राज्यसभा में संख्या में गिरावट

आम आदमी पार्टी (AAP) को एक बड़ा झटका लगा है, जब उसके सात सांसद भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। इस बदलाव के कारण AAP की राज्यसभा में सदस्यता घटकर 3 रह गई है, जिससे वह चौथी से 11वें स्थान पर खिसक गई है। AAP के नेता संजय सिंह ने इन सांसदों की सदस्यता समाप्त करने की मांग की है, जबकि राघव चड्ढा ने इस विलय को मंजूरी देने की अपील की है। जानें इस राजनीतिक घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी।
 

AAP को झटका

आम आदमी पार्टी (AAP) को एक और गंभीर झटका लगा है। पार्टी की अपील के बावजूद, पाला बदलने वाले सभी सात सांसदों को अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) का सदस्य मान लिया गया है। इस बदलाव के परिणामस्वरूप, बीजेपी के राज्यसभा सदस्यों की संख्या 113 तक पहुंच गई है, जबकि AAP के सदस्यों की संख्या घटकर 3 रह गई है। पहले AAP राज्यसभा में चौथी सबसे बड़ी पार्टी थी, लेकिन अब वह 11वें स्थान पर खिसक गई है। राज्यसभा द्वारा जारी की गई सूची में इन सांसदों के नाम अब बीजेपी के सदस्यों के रूप में दर्ज किए गए हैं.


संजय सिंह की याचिका

इससे पहले, AAP के संसदीय दल के नेता संजय सिंह ने रविवार को बताया कि उन्होंने राज्यसभा के सभापति, जो उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन हैं, को एक याचिका सौंपी थी। इस याचिका में उन्होंने इन सात सांसदों की सदस्यता समाप्त करने की मांग की थी। उन्होंने कपिल सिब्बल जैसे वकीलों की राय का हवाला देते हुए कहा कि नियमों के अनुसार, इन सांसदों पर दल-बदल के तहत कार्रवाई होनी चाहिए और उनकी सदस्यता समाप्त की जानी चाहिए.


कौन-कौन बीजेपी में शामिल हुआ?

AAP छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वाले सांसदों में राघव चड्ढा, स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, विक्रमजीत सिंह साहनी, अशोक मित्तल, संदीप पाठक और राजिंदर गुप्ता शामिल हैं.


राज्यसभा की सदस्यता

राज्यसभा द्वारा जारी की गई सूची में कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। इस सूची में केवल पार्टी के अनुसार सांसदों के नाम, उनके सदस्यों की संख्या, और हर पार्टी के नेता और उपनेता का नाम शामिल है। इस सूची के अनुसार, राज्यसभा में बीजेपी के सदस्यों की संख्या 113, कांग्रेस के 29, टीएमसी के 13, डीएमके के 8, वाई एस आर कांग्रेस के 7, बीजेडी के 6, AIADMK के 5, जेडीयू के 4, समाजवादी पार्टी के 4, एनसीपी के 4 और आम आदमी पार्टी के 3 सदस्य हैं.


AAP की मांग

राघव चड्ढा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि उन्होंने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर मांग की है कि इन सभी सात सांसदों के बीजेपी में विलय को मंजूरी दी जाए। इस पर AAP के नेता संजय सिंह ने सदन में अपनी दलील पेश की थी.


विलय पर AAP का रुख

AAP का कहना है कि विलय का निर्णय पार्टी द्वारा लिया जा सकता है, न कि किसी सांसद द्वारा। इसलिए, इस विलय को मंजूरी नहीं दी जानी चाहिए और दल-बदल के नियमों के तहत इन सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, जिससे उनकी सदस्यता समाप्त हो सके.