AAP विधायक मनविंदर ग्यासपुरा को अकाल तख्त साहिब ने धार्मिक दंड का भागी घोषित किया
सिख धार्मिक पीठ का सख्त निर्णय
अमृतसर: पंजाब की पायल विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा के खिलाफ श्री अकाल तख्त साहिब ने कड़ा रुख अपनाया है। पांच सिंह साहिबान की एक महत्वपूर्ण बैठक में ग्यासपुरा को धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया और उन्हें 'तनखैया' (धार्मिक दंड का भागी) घोषित किया गया है। इसके साथ ही, अकाल तख्त ने सभी सिखों को निर्देश दिया है कि जब तक ग्यासपुरा अपनी गलती की माफी नहीं मांगते, तब तक कोई भी सिख उनके साथ किसी भी प्रकार का संबंध न रखे।
बैठक में लिया गया निर्णय
सचिवालय में हुई बैठक का निर्णय
यह निर्णय 16 अक्टूबर को श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में हुई विशेष बैठक में लिया गया। आधिकारिक आदेश में बताया गया है कि विधायक ग्यासपुरा ने श्री दरबार साहिब के सेवादारों पर जातिगत भेदभाव के झूठे आरोप लगाए और सिख संस्थाओं की गरिमा के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया।
जातिवाद का आरोप और उसके परिणाम
12 अक्टूबर की घटना
इस मामले की शुरुआत 12 अक्टूबर को हुई, जब कुछ AAP विधायक और नेता श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय पहुंचे। उस समय सुरक्षा कारणों से ग्यासपुरा को सचिवालय में प्रवेश करने से रोका गया था। ग्यासपुरा ने आरोप लगाया कि उन्हें दलित होने के कारण रोका गया, जिससे सिख समुदाय में भारी नाराजगी फैल गई।
पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने खोली पोल
सच्चाई का खुलासा
16 अक्टूबर को AAP के विधायकों और नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने अकाल तख्त साहिब में जाकर सच स्वीकार किया कि 12 अक्टूबर को कोई जातिगत टिप्पणी नहीं हुई थी। ग्यासपुरा ने जानबूझकर मामले को तूल देने के लिए झूठा आरोप लगाया था। इस आधार पर, पांच सिंह साहिबान ने ग्यासपुरा को तनखैया घोषित करने का निर्णय लिया।