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AI Impact Summit 2026: एन. चंद्रशेखरन ने एआई के भविष्य पर चर्चा की

AI Impact Summit 2026 में टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने एआई के भविष्य और इसके प्रभाव पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि टाटा समूह एक एआई-आधारित डेटा सेंटर विकसित कर रहा है, जो अगली पीढ़ी की आवश्यकताओं को पूरा करेगा। चंद्रशेखरन ने एआई को सभी उद्योगों में एक बुनियादी तकनीक बताया और इसके माध्यम से सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार की संभावना पर जोर दिया। जानें उनके विचार और भारत में एआई के विकास की दिशा में उठाए गए कदम।
 

टाटा समूह के चेयरमैन का संबोधन


इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने किया संबोधित


AI Impact Summit 2026, बिजनेस डेस्क : एन. चंद्रशेखरन ने बताया कि टाटा समूह भारत का पहला बड़े पैमाने पर एआई-आधारित डेटा सेंटर विकसित कर रहा है, जो अगली पीढ़ी की एआई ट्रेनिंग और इंफरेंस की आवश्यकताओं को पूरा करेगा।


उन्होंने कहा कि प्रारंभिक 100 मेगावाट क्षमता के निर्माण के लिए ओपनएआई के साथ साझेदारी की गई है, जिसे भविष्य में एक गीगावाट तक बढ़ाने की योजना है। चंद्रशेखरन ने बताया कि टाटा समूह हर स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को तेजी से अपना रहा है, जिसमें सिलिकॉन, सिस्टम, एआई-रेडी डेटा सेंटर, एप्लिकेशन और एआई एजेंट शामिल हैं। उन्होंने इसे एक रोमांचक और परिवर्तनकारी यात्रा बताया और कहा कि इसके लिए वैश्विक साझेदारों के साथ सहयोग आवश्यक है।


एआई का वैश्विक एंटरप्राइज पर प्रभाव

चंद्रशेखरन ने कहा कि एआई का सार्वजनिक सेवा वितरण और वैश्विक एंटरप्राइज पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। आईटी उद्योग में, उन्होंने इसे टेक सेक्टर के लिए सबसे बड़ा अवसर बताया, यह कहते हुए कि आईटी की असली ताकत हर एंटरप्राइज के बिजनेस और टेक्नोलॉजी लैंडस्केप की समझ में होती है, और एआई इस भूमिका को और मजबूत करेगा।


एआई की बुनियादी तकनीक

टाटा चेयरमैन ने एआई को एक बुनियादी तकनीक बताया, जो सभी उद्योगों में कार्य करती है, डेटा से सीखती है और तेजी से स्केल हो सकती है। उनके अनुसार, एआई इंटेलिजेंस का इंफ्रास्ट्रक्चर है, जिसका प्रभाव उतना ही गहरा होगा जितना कभी स्टीम इंजन, बिजली और इंटरनेट का रहा है।


एआई का लक्ष्य

उन्होंने जोर देकर कहा कि देश का लक्ष्य एआई को हर नागरिक तक पहुंचाना होना चाहिए। उन्होंने एक कार्यक्रम का उदाहरण दिया, जिसमें बिना किसी तकनीकी पृष्ठभूमि वाली 1,500 ग्रामीण महिलाओं ने कुछ ही घंटों में एआई टूल्स का उपयोग करके प्रोडक्ट और मार्केटिंग सामग्री तैयार की। चंद्रशेखरन ने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन के तहत भारत ने एआई को एक रणनीतिक राष्ट्रीय क्षमता के रूप में आगे बढ़ाया है, जिसमें चिप्स, सिस्टम, ऊर्जा और एप्लिकेशन को एक साथ लाया जा रहा है।