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AI की मदद से पालतू कुत्ते के कैंसर का सफल इलाज

एक ऑस्ट्रेलियाई तकनीकी विशेषज्ञ ने अपने पालतू कुत्ते के कैंसर का इलाज करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किया। उन्होंने ChatGPT और AlphaFold जैसे टूल्स की मदद से एक व्यक्तिगत mRNA वैक्सीन विकसित की, जिससे कुत्ते के ट्यूमर का आकार आधा हो गया। यह मामला अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानें इस अद्भुत प्रक्रिया के बारे में और कैसे AI ने चिकित्सा विज्ञान में नई दिशा दी है।
 

सिडनी में AI का चमत्कार

सिडनी: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब केवल तकनीकी उपकरणों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह चिकित्सा विज्ञान में भी अद्भुत परिणाम दे रहा है। ऑस्ट्रेलिया के एक तकनीकी विशेषज्ञ ने AI टूल्स का उपयोग करके अपने पालतू कुत्ते के जानलेवा कैंसर का प्रभावी इलाज खोज निकाला है। इस व्यक्ति ने ChatGPT और AlphaFold जैसे उन्नत AI टूल्स का सहारा लेकर अपने कुत्ते के लिए एक विशेष वैक्सीन तैयार की। इस वैक्सीन के उपयोग से कुत्ते के ट्यूमर का आकार लगभग आधा हो गया है, और यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है।


ChatGPT से तैयार हुआ इलाज का प्लान

ऑस्ट्रेलिया के तकनीकी पेशेवर पॉल कनिंगहम के पालतू कुत्ते 'रोज' को कैंसर का पता चला था, और डॉक्टरों ने कहा था कि उसके पास ज्यादा समय नहीं बचा है। इस स्थिति में हार मानने के बजाय, पॉल ने AI की मदद से समाधान खोजने का निर्णय लिया। उन्होंने सबसे पहले ChatGPT का उपयोग किया और एक मास्टरप्लान तैयार किया, जिससे कुत्ते के कैंसर के लिए एक विशेष mRNA वैक्सीन विकसित की जा सके। इसके बाद, पॉल ने जीनोमिक डेटा और चिकित्सा अनुसंधान का गहन अध्ययन किया।


DNA सीक्वेंसिंग से मिली सफलता

इस प्रक्रिया में आगे बढ़ते हुए, पॉल ने अपने कुत्ते के ट्यूमर का नमूना लिया और UNSW रामासिओटी सेंटर फॉर जीनोमिक्स से DNA सीक्वेंसिंग करवाई। जब उन्हें DNA का डेटा मिला, तो उन्होंने इसे कई उन्नत एल्गोरिदम के माध्यम से प्रोसेस किया। इस प्रक्रिया ने उन विशेष म्यूटेशनों की पहचान की जो कैंसर को बढ़ा रहे थे। इसी जानकारी के आधार पर, पॉल ने एक व्यक्तिगत mRNA वैक्सीन का अंतिम ब्लूप्रिंट तैयार किया।


क्रिसमस पर शुरू हुआ इलाज

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पिछले साल क्रिसमस के समय इस वैक्सीन का उपयोग कुत्ते पर शुरू किया गया था। कुछ समय बाद, ट्यूमर का आकार लगभग आधा हो गया। पॉल ने बताया कि इस प्रक्रिया में वैक्सीन बनाने से ज्यादा कठिनाई नैतिक मंजूरी प्राप्त करने में थी। ऑस्ट्रेलिया में ड्रग ट्रायल की कानूनी अनुमति के लिए उन्हें लगभग तीन महीने तक कड़ी मेहनत करनी पड़ी।


AI के इस चमत्कार पर दुनिया की प्रतिक्रिया

चिकित्सा विज्ञान और AI के इस अद्भुत संगम पर दुनिया भर के तकनीकी विशेषज्ञों ने आश्चर्य और खुशी व्यक्त की है। OpenAI के अध्यक्ष ग्रेग ब्रॉकमैन ने इसे AI के सबसे प्रभावशाली उपयोगों में से एक बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि जब कुत्ते के पास जीने के लिए कुछ ही महीने बचे थे, तब AI ने पॉल को एक कस्टम mRNA वैक्सीन बनाने में मदद की। यह किसी कुत्ते के लिए डिजाइन की गई पहली व्यक्तिगत कैंसर वैक्सीन थी। वहीं, गूगल डीपमाइंड के CEO डेमिस हसाबिस ने इसे 'डिजिटल बायोलॉजी के भविष्य की शुरुआत' कहा है।