AI के नए प्लगइन्स ने शेयर बाजार में मचाई हलचल
AI की दुनिया में नया बदलाव
नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में एक नई घटना ने शेयर बाजार को हिला कर रख दिया है। Claude चैटबॉट के निर्माता, Anthropic, ने हाल ही में कुछ ऐसे AI प्लगइन्स पेश किए हैं, जिनकी वजह से वैश्विक बाजार से 285 अरब डॉलर (लगभग 26,129 अरब रुपये) का नुकसान हुआ है। इस नए 'एजेंटिक एआई' का सबसे अधिक प्रभाव सॉफ्टवेयर, कानूनी तकनीक और वित्तीय सेवाओं से संबंधित कंपनियों के शेयरों पर पड़ा है, जहां भारी गिरावट देखी गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी ने 30 जनवरी को 11 नए ओपन-सोर्स प्लगइन्स लॉन्च किए हैं, जो विशेष रूप से 'Claude Cowork' टूल्स के साथ काम करने के लिए बनाए गए हैं। इनमें से एक प्रमुख टूल कानूनी कार्यों को स्वचालित करने के लिए विकसित किया गया है, जो बाजार में हलचल का मुख्य कारण बना है। दरअसल, एंथ्रोपिक का क्लॉड कोवर्क (Claude Cowork) एक 'एजेंटिक एआई असिस्टेंट' है, जिसे जनवरी की शुरुआत में पेश किया गया था।
जहां पहले एआई टूल्स का उपयोग मुख्य रूप से कोडिंग के लिए होता था, वहीं एंथ्रोपिक के नए टूल्स नॉन-कोडिंग कार्यों को भी आसानी से पूरा कर सकते हैं। ये प्लगइन्स फाइलों को पढ़ने, फोल्डर्स को व्यवस्थित करने, दस्तावेज़ तैयार करने और मल्टी-स्टेप कार्यों को पूरा करने में सक्षम हैं। इनकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि कंपनियां इन्हें अपनी आवश्यकताओं के अनुसार अनुकूलित कर सकती हैं। इसका सीधा प्रभाव उन कंपनियों पर पड़ रहा है, जो अब तक इन सेवाओं को प्रदान करती थीं।
बाजार में मची इस हलचल की असली वजह एंथ्रोपिक की बदलती रणनीति है। विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी ने केवल टूल्स का सेट लॉन्च नहीं किया है, बल्कि काम करने का एक नया तरीका विकसित किया है। एंथ्रोपिक अब केवल एआई मॉडल्स या एपीआई (API) बेचने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि वह सीधे वर्कफ्लो पर नियंत्रण स्थापित कर रही है। सरल शब्दों में कहें तो यदि कंपनी केवल एपीआई देती, तो थॉमसन रॉयटर्स जैसी कंपनियां अपनी सेवाएं उस पर बना लेतीं, लेकिन एंथ्रोपिक ने 'रेडीमेड सॉल्यूशन' बेचना शुरू कर दिया है। इसका अर्थ है कि अब वह सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि सीधे तौर पर इन बड़ी कंपनियों की प्रतिस्पर्धी बन गई है, जिससे निवेशकों में चिंता का माहौल है।