☰
×

AI वॉइस क्लोनिंग से बढ़ते साइबर ठगी के मामले

साइबर ठगी के नए तरीकों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग बढ़ रहा है, जिसमें ठग परिचितों की आवाज की नकल कर पैसे मांगते हैं। यह लेख बताता है कि कैसे ये अपराधी सोशल मीडिया से आवाज का नमूना लेकर ठगी करते हैं और इससे बचने के उपाय क्या हैं। जानें कि आप कैसे सुरक्षित रह सकते हैं और ठगी की स्थिति में क्या कदम उठाने चाहिए।
 

साइबर ठगी के नए तरीके

नई दिल्ली - साइबर ठगी के तरीके लगातार विकसित हो रहे हैं। अब ठग फर्जी लिंक, एसएमएस, ई-मेल और एपीके फाइलों के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके आवाज की नकल कर लोगों को ठगने में लगे हैं। ये अपराधी किसी परिचित या रिश्तेदार की आवाज में फोन करके अचानक पैसों की आवश्यकता बताकर रकम ट्रांसफर करने के लिए कह सकते हैं।


सोशल मीडिया से आवाज का नमूना

वॉइस क्लोनिंग के माध्यम से ठगी में अपराधी सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो और ऑडियो का सहारा ले सकते हैं। रील्स, शॉर्ट्स या अन्य सार्वजनिक वीडियो से आवाज का नमूना लेकर एआई आधारित टूल की मदद से उसकी नकल तैयार की जाती है। इसके बाद इस क्लोन की गई आवाज का उपयोग फोन कॉल या वॉइस मैसेज के जरिए किया जा सकता है।


पैसे मांगने पर सतर्क रहें

ठग परिचित की आवाज में कॉल करके आपात स्थिति का बहाना बना सकते हैं। वे दुर्घटना, अस्पताल में भर्ती होने, कानूनी समस्याओं या तत्काल भुगतान की आवश्यकता जैसी कहानियाँ बनाकर जल्दी से पैसे भेजने का दबाव डाल सकते हैं।


ऐसी स्थिति में केवल आवाज सुनकर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है। कॉल करने वाले की पहचान को किसी अन्य नंबर पर फोन करके या परिवार के किसी अन्य सदस्य से संपर्क करके स्वतंत्र रूप से सत्यापित करना चाहिए।


जल्दबाजी में ट्रांजैक्शन न करें

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, किसी अनजान खाते में पैसे भेजने से पहले बैंक खाते की जानकारी और भुगतान के कारण की दोबारा जांच करना आवश्यक है। यदि कॉल करने वाला बार-बार जल्दी भुगतान करने का दबाव डालता है या पहचान की पुष्टि करने से बचता है, तो सावधानी बरतनी चाहिए।


ठगी होने पर तुरंत शिकायत करें

यदि गलती से पैसे ट्रांसफर हो जाएं, तो तुरंत बैंक से संपर्क करना और साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराना आवश्यक है। भारत में वित्तीय साइबर फ्रॉड की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन पर तुरंत शिकायत की जा सकती है। समय पर सूचना देने से लेनदेन को रोकने या रकम को फ्रीज कराने की संभावना बढ़ जाती है।


यदि किसी प्रकार का फ्रॉड होता है, तो तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल (https://www.cybercrime.gov.in) पर रिपोर्ट करें या 1930 पर कॉल करें। इसके अलावा, आप संचार साथी ऐप या पोर्टल के माध्यम से भी ऐसे संदिग्ध संदेशों की रिपोर्ट कर सकते हैं।