AKTU के 24वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने छात्रों को दी महत्वपूर्ण सलाह
AKTU का 24वां दीक्षांत समारोह
दीक्षांत समारोह की मुख्य बातें: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने AKTU के 24वें दीक्षांत समारोह में कहा कि कई छात्राएं पढ़ाई के दौरान गर्भवती हो जाती हैं, और इसके परिणामस्वरूप बच्चे की जिम्मेदारी सरकार पर आ जाती है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे इस तरह की स्थितियों से दूर रहें।
राज्यपाल ने लव मैरिज के खिलाफ नहीं होने की बात कही, लेकिन यह भी जोड़ा कि शादी तभी करें जब वे आत्मनिर्भर बन जाएं। उन्होंने अपने बेटे का उदाहरण देते हुए बताया कि जब वह बेंगलुरु में पढ़ाई कर रहा था, तो उन्होंने उसे कहा था कि यदि कोई लड़की पसंद आए तो बताना, लेकिन उसे कोई पसंद नहीं आई।
शिक्षकों से अपील: मेहनत करें और सही तरीके से पढ़ाएं
इस समारोह में 83 मेधावी छात्रों को कुल 84 पदकों से सम्मानित किया गया, जिनमें 35 स्वर्ण, 23 रजत और 24 कांस्य पदक शामिल हैं। राज्यपाल ने सरकारी शिक्षकों से अपील की कि वे छात्रों को सही तरीके से पढ़ाएं और सरकारी कॉलेजों पर ध्यान दें।
आनंदी बेन पटेल ने कहा कि जिन छात्रों को पुरस्कार मिला, उनके साथ उनके प्रिंसिपल और अभिभावक भी थे। उन्होंने एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन को प्रेरणा का स्रोत बताया और छात्रों से बड़े सपने देखने की अपेक्षा की।
राज्यपाल ने 62537 छात्रों को डिग्री और 53 शोधकर्ताओं को पीएचडी की उपाधि दी। उन्होंने सभी डिग्रियों को डिजिलॉकर पर अपलोड किया।
छात्राओं की सफलता पर जोर
दीक्षांत समारोह में 84 में से 53 मेडल छात्राओं को मिले, जो कि एक सकारात्मक बदलाव का संकेत है। तकनीकी शिक्षा में छात्राओं की बढ़ती भागीदारी को राज्यपाल ने सराहा।
प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय का रिसर्च पर ध्यान केंद्रित करना महत्वपूर्ण है और सभी छात्रों से स्टार्टअप को अपनाने की अपील की।
डी.लिट. की उपाधि
गुजरात के कलाकार आशीष शांतिलाल कंसारा को पारंपरिक सिल्क कौशल और रोगन कला में उनके योगदान के लिए डी.लिट. की उपाधि दी गई। उन्होंने AKTU को धन्यवाद दिया।
AKTU के कुलपति जेपी पांडेय ने विश्वविद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट पेश की, जिसमें छात्रों के चयन और विकास कार्यों का विवरण दिया गया।