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BCCI अध्यक्ष मिथुन मन्हास की जन्मतिथि विवाद पर जांच शुरू

BCCI के अध्यक्ष मिथुन मन्हास की जन्मतिथि को लेकर विवाद उठ खड़ा हुआ है, जिसके चलते जम्मू की विशेष रेलवे मजिस्ट्रेट कोर्ट ने जांच के आदेश दिए हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि मन्हास ने विभिन्न रिकॉर्ड में अलग-अलग जन्मतिथियाँ दर्ज की हैं। इस मामले में नवाबाद पुलिस को 3 सितंबर 2026 तक रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और मन्हास के क्रिकेट करियर के बारे में।
 

जन्मतिथि विवाद की शुरुआत

BCCI के अध्यक्ष मिथुन मन्हास की जन्मतिथि को लेकर एक नया विवाद उत्पन्न हो गया है। जम्मू की विशेष रेलवे मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इस मामले की जांच का आदेश दिया है। नवाबाद पुलिस को 3 सितंबर 2026 तक अपनी जांच रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है, लेकिन अभी तक FIR दर्ज करने का निर्देश नहीं दिया गया है।


शिकायत का विवरण

यह मामला जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के पूर्व संयुक्त मानद सचिव और पूर्व डिप्टी एसपी सुदर्शन मेहता की शिकायत के बाद सामने आया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि मन्हास ने जूनियर क्रिकेट में राष्ट्रीय स्तर पर खेलने की पात्रता प्राप्त करने के लिए विभिन्न रिकॉर्ड में अलग-अलग जन्मतिथियाँ दर्ज की हैं।


विभिन्न रिकॉर्ड में जन्मतिथि का अंतर

दो अलग-अलग जन्मतिथियाँ

शिकायत के अनुसार, MHAC स्कूल, नागबनी के रिकॉर्ड में मन्हास की जन्मतिथि 9 दिसंबर 1977 है, जबकि DDCA की वेबसाइट पर 12 अक्टूबर 1979 दर्ज है। दोनों तारीखों में लगभग दो साल का अंतर है। शिकायतकर्ता ने इस आधार पर धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित मामलों में कार्रवाई की मांग की है।


क्रिकेट करियर की शुरुआत

J&K से दिल्ली और BCCI तक का सफर

मन्हास ने जम्मू-कश्मीर की अंडर-15, अंडर-16 और अंडर-19 टीमों के लिए क्रिकेट खेला। 1995 में अंडर-19 स्तर पर लगभग 750 रन बनाने के बाद वह सुर्खियों में आए। 1997 में उन्होंने दिल्ली की ओर से रणजी ट्रॉफी में पदार्पण किया।


कप्तानी और IPL करियर

2006 से 2008 तक दिल्ली की कप्तानी करने वाले मन्हास की अगुवाई में टीम ने 2007-08 में रणजी ट्रॉफी जीती। IPL में उन्होंने 2008 में दिल्ली डेयरडेविल्स से शुरुआत की और बाद में पुणे वॉरियर्स इंडिया और चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा बने।


BCCI अध्यक्ष का चुनाव

सितंबर 2025 में मन्हास को BCCI का अध्यक्ष चुना गया था, और वह जम्मू-कश्मीर से इस पद पर पहुंचने वाले पहले व्यक्ति हैं। अब पुलिस जांच की रिपोर्ट से ही जन्मतिथि को लेकर लगाए गए आरोपों की स्थिति स्पष्ट होगी।