BJP विधायक उषा ठाकुर का गरबा पर विवादित बयान: गैर-हिंदुओं की एंट्री पर पाबंदी की मांग
उषा ठाकुर का विवादास्पद बयान
नई दिल्ली. मध्य प्रदेश की पूर्व मंत्री और महू से बीजेपी विधायक उषा ठाकुर ने हाल ही में गरबा आयोजनों को लेकर एक विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के दौरान गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं, विशेषकर मुस्लिम युवाओं, की एंट्री पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।
इंदौर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उषा ठाकुर ने यह भी कहा कि गरबा जैसे धार्मिक आयोजनों का उपयोग बेटियों को भ्रमित करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने 2003 के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि गरबा आयोजनों में औसतन साढ़े चार लाख लड़कियां दूसरे धर्म के लोगों के साथ चली जाती हैं।
उषा ठाकुर ने यह स्पष्ट किया कि दुर्गा पूजा का उद्देश्य मनोरंजन नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुर्गा उत्सव शक्ति की साधना का पर्व है, न कि कोई डांस मंडली। उनका आरोप है कि जब अल्पसंख्यक समुदाय के लोग वंदे मातरम बोलने से इनकार करते हैं, तो वे गरबा पंडालों में क्यों प्रवेश करते हैं।
उन्होंने राज्य में लागू 'लव जिहाद' कानूनों का भी जिक्र किया, जो बेटियों की सुरक्षा को बढ़ाने में मददगार साबित हो रहे हैं। उषा ठाकुर ने आयोजकों से अपील की कि पंडालों में आने वाले सभी लोगों की पहचान सुनिश्चित की जाए ताकि आयोजनों की पवित्रता और बेटियों की सुरक्षा बनी रहे।