BRICS Summit 2026: क्या भारत में वैश्विक नेताओं की बैठक से बदलेंगे हालात?
नई दिल्ली में BRICS Summit की तैयारी
नई दिल्ली: BRICS Summit 2026 के लिए कई प्रमुख वैश्विक नेता भारत आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सम्मेलन के दौरान महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर सकारात्मक संवाद की उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि सभी देशों के नेता विभिन्न विषयों पर चर्चा करेंगे, जो विश्व कल्याण के लिए महत्वपूर्ण हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने X पर एक पोस्ट में कहा कि आने वाले दिनों में दुनिया भर के नेता BRICS Summit के लिए भारत में एकत्रित होंगे। उन्हें विश्वास है कि इस सम्मेलन में वैश्विक हितों को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक चर्चा होगी।
अगले कुछ दिनों में दुनियाभर के नेता BRICS Summit के लिए जुटेंगे। पूर्ण विश्वास है कि सम्मेलन में विश्व कल्याण की कामना के साथ विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी।
— Narendra Modi (@narendramodi) September 11, 2026
सद्भिरेव सहासीत सद्भिः कुर्वीत सङ्गतिम्।
सद्भिर्विवादं मैत्रीं च नासद्भिः किंचिदाचरेत्॥ pic.twitter.com/YG36WlpiYg
भारत में शनिवार से शुरू होने वाले इस दो दिवसीय BRICS Summit में खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। भारत इस समय BRICS की अध्यक्षता कर रहा है, जब दुनिया कई गंभीर संकटों का सामना कर रही है। नई दिल्ली में होने वाले इस सम्मेलन के पीछे रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया में तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति और अमेरिका की व्यापार नीतियां प्रमुख विषय हैं। इन घटनाओं का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ा है।
सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी जैसे कई प्रमुख नेता शामिल होंगे। मलेशिया, इथियोपिया और वियतनाम के शीर्ष नेता भी इस सम्मेलन में भाग लेंगे।
पुतिन की भारत यात्रा
पुतिन ने शुरू की तीन दिवसीय भारत यात्रा
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को BRICS Summit में भाग लेने के लिए भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर रवाना हुए। इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे। उनके साथ रूस का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। पुतिन की यात्रा का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देना है। फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध के बाद यह रूस के बाहर आयोजित BRICS Summit में पुतिन की पहली प्रत्यक्ष भागीदारी मानी जा रही है।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था
शिखर सम्मेलन से पहले दिल्ली में हाई अलर्ट
BRICS Summit में बड़े नेताओं की उपस्थिति को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है। भारत मंडपम में होने वाले सम्मेलन के दौरान लगभग 15,000 दिल्ली पुलिसकर्मी, अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनियां और 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से सुरक्षा की निगरानी की जाएगी।
प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन के बीच शुक्रवार दोपहर व्यापक बातचीत होने की उम्मीद है। इसमें रक्षा, ऊर्जा, तकनीक, दवा उद्योग और दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे विषयों पर चर्चा हो सकती है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कहा है कि शहर को पूरी तरह बंद नहीं किया जाएगा, लेकिन वीवीआईपी काफिलों के गुजरने के दौरान कुछ रास्तों पर थोड़ी देर के लिए यातायात रोका जा सकता है या मार्ग बदला जा सकता है।