×

BRICS बिजनेस फोरम में पीएम मोदी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में BRICS की भूमिका पर की चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS बिजनेस फोरम में BRICS देशों की बढ़ती ताकत और वैश्विक अर्थव्यवस्था में उनके योगदान पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि BRICS अब 21 देशों का एक बड़ा समूह है, जो दुनिया की 50 प्रतिशत जनसंख्या और 40 प्रतिशत GDP का प्रतिनिधित्व करता है। मोदी ने BRICS के नवाचार केंद्र के रूप में उभरने और भारत की अध्यक्षता की थीम पर भी प्रकाश डाला। जानें इस महत्वपूर्ण फोरम में और क्या कहा गया।
 

प्रधानमंत्री मोदी का BRICS बिजनेस फोरम में संबोधन


नई दिल्ली: शुक्रवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित BRICS बिजनेस फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने BRICS की बढ़ती ताकत और वैश्विक अर्थव्यवस्था में इसके प्रभाव पर प्रकाश डाला। पीएम मोदी ने बताया कि 2006 में चार देशों से शुरू हुआ यह समूह अब 21 देशों का एक बड़ा परिवार बन चुका है, जिसमें सदस्य और साझेदार देश शामिल हैं।


BRICS देशों की GDP में अभूतपूर्व वृद्धि

साढ़े चार गुना बढ़ी ब्रिक्स देशों की GDP 


पीएम मोदी ने कहा कि वर्तमान में BRICS देश दुनिया की लगभग 50 प्रतिशत जनसंख्या, 40 प्रतिशत GDP और 25 प्रतिशत से अधिक वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 20 वर्षों में BRICS देशों की अर्थव्यवस्था ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की तुलना में तेज गति से विकास किया है। इस दौरान वैश्विक GDP लगभग ढाई गुना बढ़ी, जबकि BRICS देशों की संयुक्त GDP साढ़े चार गुना बढ़ गई।


BRICS का नया रूप: इनोवेशन का केंद्र

इनोवेशन का बड़ा केंद्र बन रहा BRICS


प्रधानमंत्री ने कहा कि BRICS अब केवल आर्थिक सहयोग का मंच नहीं है, बल्कि यह वैश्विक नवाचार और नए समाधान विकसित करने का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है। सदस्य देशों में विभिन्न क्षेत्रों में नए प्रयोग हो रहे हैं, जो जमीनी स्तर की पहलों से लेकर अत्याधुनिक तकनीक तक फैले हुए हैं। उन्होंने इस मौजूदा बिजनेस फोरम को अब तक का सबसे बड़ा BRICS बिजनेस फोरम बताया।


भारत की अध्यक्षता की थीम पर चर्चा

भारत की अध्यक्षता की थीम पर भी बोले


पीएम मोदी ने भारत की BRICS अध्यक्षता की थीम 'लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण' का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी आर्थिक और व्यापार नीतियों में इन सिद्धांतों को प्राथमिकता दी है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच, भारत ने ऊर्जा और तकनीक सहित कई क्षेत्रों में अपनी सप्लाई चेन को अधिक विविध और भरोसेमंद बनाने का प्रयास किया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था पर देखा जा रहा है।


प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में, भारत विकास और स्थिरता के एक भरोसेमंद केंद्र के रूप में उभर रहा है। उनके अनुसार, BRICS के विस्तार के साथ सदस्य देशों के बीच व्यापार, तकनीक और आर्थिक सहयोग की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं।