BRICS शिखर सम्मेलन का दूसरा दिन: महत्वपूर्ण बैठकें और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा
दूसरे दिन की कूटनीतिक गतिविधियाँ
आज BRICS शिखर सम्मेलन का दूसरा दिन विभिन्न कूटनीतिक गतिविधियों से भरा रहेगा। भारत मंडपम में सुबह लगभग 9:55 बजे BRICS के सहयोगी देशों के राष्ट्राध्यक्ष, शासनाध्यक्ष और मंत्री पहुंचना शुरू करेंगे। इसके बाद सुबह 10:35 बजे नेताओं की फैमिली फोटो खींची जाएगी।
ओपन सेशन का मुख्य विषय
फैमिली फोटो के बाद, सुबह 10:50 बजे शिखर सम्मेलन का ओपन सेशन आरंभ होगा। इस सत्र का मुख्य विषय 'लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के माध्यम से समावेशी वैश्विक विकास का भविष्य' है। इसमें विश्व के नेता वैश्विक अर्थव्यवस्था, विकास, सहयोग और बदलती अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर अपने विचार साझा करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी की द्विपक्षीय वार्ताएँ
दूसरे दिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोपहर 2:30 बजे कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव से उनकी बैठक होगी। इसके बाद 3 बजे फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर और 3:30 बजे मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी से मुलाकात होगी।
शाम के कार्यक्रम
शाम के कार्यक्रम में, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति मातामेला सिरिल रामाफोसा के साथ 4:10 बजे बैठक होगी। इसके बाद 4:40 बजे बुरुंडी के राष्ट्रपति एवरिस्ट नदायिशिमिये, 5:10 बजे नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति काशिम शेट्टिमा और 5:40 बजे युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो से प्रधानमंत्री मोदी की बैठक होगी।
पहले दिन की महत्वपूर्ण गतिविधियाँ
BRICS सम्मेलन का पहला दिन भी कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा। प्रधानमंत्री मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सहित कई वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। शी जिनपिंग के साथ भारत-चीन संबंधों और सीमा मुद्दों पर चर्चा हुई, जबकि पुतिन के साथ रणनीतिक साझेदारी और व्यापार पर बातचीत हुई। पहले दिन का एक प्रमुख परिणाम नई दिल्ली घोषणा-पत्र रहा, जिसमें आतंकवाद, वैश्विक संघर्ष, व्यापार और बहुपक्षीय व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर BRICS देशों का साझा रुख सामने आया।
भारत की मेजबानी का अंदाज
BRICS सम्मेलन के दौरान भारत की मेजबानी का अंदाज भी आकर्षण का केंद्र रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में पहुंचने वाले विदेशी नेताओं का गर्मजोशी से स्वागत किया। हाथ मिलाने से लेकर तस्वीर खिंचवाने तक, हर मौके पर भारतीय परंपरा और आतिथ्य की झलक दिखाई दी।