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CBSE का पुनर्मूल्यांकन पोर्टल तकनीकी समस्याओं का सामना कर रहा है

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) का पुनर्मूल्यांकन और सत्यापन पोर्टल तकनीकी खामियों का सामना कर रहा है, जिससे छात्रों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा है। लॉगिन में दिक्कतें और स्क्रीन फ्रीज होने की शिकायतें आम हो गई हैं। इस समस्या से 4,04,319 से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं। शिक्षा मंत्री ने अनुमान जताया है कि लगभग 80 हजार आवेदन मिलने की संभावना है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है।
 

पोर्टल में आई तकनीकी खामियां

नई दिल्ली - केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा लॉन्च किया गया पुनर्मूल्यांकन और सत्यापन पोर्टल तकनीकी समस्याओं का शिकार हो गया है। छात्रों को चार दिन की प्रतीक्षा के बाद राहत मिली थी, लेकिन पोर्टल के सक्रिय होते ही सोशल मीडिया पर शिकायतों की बाढ़ आ गई। हालांकि, बोर्ड का कहना है कि पोर्टल को फिर से सक्रिय कर दिया गया है।


छात्रों की शिकायतें

छात्रों का कहना है कि लॉगिन विवरण दर्ज करने के बाद स्क्रीन फ्रीज हो जाती है, जिससे आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। कई छात्रों ने इस समस्या के वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किए हैं। इसके अलावा, कुछ छात्रों ने लॉगिन से संबंधित समस्याओं की शिकायत की है।


नाराजगी का बढ़ता स्तर

पोर्टल में आई तकनीकी दिक्कतों के कारण छात्रों और उनके अभिभावकों में नाराजगी बढ़ गई है। यह समस्या उस समय आई है जब बोर्ड ने पोर्टल के लॉन्च को लेकर कई बार आश्वासन दिए थे। छात्रों का कहना है कि लंबे इंतजार के बाद सेवा शुरू हुई, लेकिन उन्हें तुरंत ही परेशानियों का सामना करना पड़ा।


प्रभावित छात्रों की संख्या

सूत्रों के अनुसार, इस समस्या से 4,04,319 से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं, जिन्हें इस वर्ष अंकों के सत्यापन, उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करना है।


मूल्यांकन प्रणाली पर विवाद

सीबीएसई की नई ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली पहले से ही विवादों में रही है। इसी बीच, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अनुमान जताया था कि मूल्यांकन की गई उत्तर पुस्तिकाओं को देखने वाले लगभग हर पांच में से एक छात्र सत्यापन या पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकता है। इसके आधार पर करीब 80 हजार आवेदन मिलने की संभावना है।


पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल

कक्षा 12वीं के परिणामों के बाद से पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। छात्रों और अभिभावकों ने भुगतान गेटवे में खराबी, अतिरिक्त शुल्क कटने, रसीद न मिलने, लॉगिन संबंधी समस्याओं और स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं तक पहुंच में कठिनाइयों की शिकायत की है।


उत्तर पुस्तिकाओं की गुणवत्ता

कुछ छात्रों ने यह भी कहा है कि उन्हें उपलब्ध कराई गई उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियां धुंधली या अधूरी थीं। वहीं, कुछ अभ्यर्थियों का कहना है कि उपलब्ध कराई गई प्रतियां उनके मूल उत्तरों से मेल नहीं खाती थीं।


बोर्ड की स्थिति

हालांकि, बोर्ड ने पोर्टल को फिर से सक्रिय करने का दावा किया है, लेकिन छात्रों की शिकायतों के समाधान की स्थिति पर नजर बनी हुई है।