CBSE के OSM सिस्टम पर छात्रों का गुस्सा: क्या ग्रेस मार्क्स मिलेंगे?
छात्रों का बढ़ता गुस्सा
नई दिल्ली: CBSE द्वारा लागू किया गया नया ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम छात्रों के बीच नाराजगी का कारण बन गया है। 12वीं कक्षा के परिणामों के बाद, छात्रों ने मूल्यांकन में तकनीकी खामियों और गड़बड़ियों का आरोप लगाया है। पुनर्मूल्यांकन के दौरान जब छात्रों ने अपनी स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं देखीं, तो कई समस्याएं सामने आईं। छात्रों का कहना है कि कॉपियां धुंधली हैं, कई उत्तरों की जांच नहीं की गई, स्टेप मार्किंग में त्रुटियां हैं और कुल अंक भी गलत हैं।
लिंक में समस्या
लिंक नहीं खुलने की भी शिकायत
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कई छात्रों ने आंसर शीट देखने में भी कठिनाई का सामना किया। उनका आरोप है कि CBSE द्वारा प्रदान किया गया लिंक या तो खुल नहीं रहा था या ठीक से काम नहीं कर रहा था, जिससे वे अपनी कॉपी नहीं देख पाए।
सोशल मीडिया पर गुस्सा
सोशल मीडिया पर छात्रों का फूटा गुस्सा
जैसे ही स्कैन की गई कॉपियां उपलब्ध हुईं, छात्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी शिकायतें साझा कीं। उन्होंने धुंधले पन्नों के स्क्रीनशॉट साझा किए और सवाल उठाया कि जब वे खुद अपने लिखे को नहीं पढ़ पा रहे हैं, तो शिक्षक कैसे सही तरीके से जांच कर सकते हैं।
जवाब बिना चेक किए छोड़ना
बिना चेक किए छोड़ दिए कई जवाब
कुछ छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि उनके हल किए गए सवाल और कैलकुलेशन बिना जांचे ही छोड़ दिए गए। कई छात्रों ने बताया कि अलग-अलग पृष्ठों पर दिए गए नंबर और अंतिम परिणाम में दिख रहे कुल अंकों में अंतर है। गणित जैसे विषयों में स्टेप मार्किंग को या तो पूरी तरह नजरअंदाज किया गया या गलत तरीके से लागू किया गया।
ग्रेस मार्क्स की मांग
छात्रों ने की ग्रेस मार्क्स की मांग
नाराजगी के बढ़ते स्तर के बीच, छात्र अब ग्रेस मार्क्स की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि सिस्टम में हुई गलतियों की भरपाई के लिए बोर्ड को अतिरिक्त अंक देने चाहिए।
एक यूजर ने लिखा कि कॉपियां इतनी खराब स्कैन हुई हैं कि हम खुद नहीं पढ़ पा रहे हैं। फिर शिक्षक से सही जांच की उम्मीद कैसे करें? CBSE को छात्रों को 15 से 20 ग्रेस मार्क्स देने चाहिए और इस समस्या का समाधान करना चाहिए।
एक अन्य छात्र ने लिखा कि पहले डिजिटल चेकिंग में गलती, फिर वेबसाइट बार-बार क्रैश होना। 2026 की बोर्ड परीक्षा छात्रों के साथ अन्याय है। हम CBSE से मांग करते हैं कि सबसे कम नंबर वाले विषय में कम से कम 10 ग्रेस मार्क्स दिए जाएं।
OSM सिस्टम की जानकारी
क्या है OSM सिस्टम?
CBSE ने इस वर्ष OSM सिस्टम की शुरुआत की है। इस प्रणाली में भौतिक कॉपी की जांच करने के बजाय उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करके डिजिटल रूप से जांचा जाता है। परिणाम आने के बाद से, भौतिकी, गणित, लेखा और अर्थशास्त्र के छात्रों ने कम अंक और मार्किंग में गड़बड़ी की शिकायतें की हैं।