×

CJP का ऐतिहासिक आंदोलन समाप्त: अभिजीत दीपके ने साझा किया भावुक संदेश

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अपना 37 दिवसीय आंदोलन समाप्त कर दिया है। संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक भावुक वीडियो संदेश में अपने समर्थकों का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह आंदोलन समाप्त नहीं हुआ, बल्कि यह एक नई शुरुआत है। उन्होंने अपनी राहत और स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में भी बताया। दीपके ने आंदोलनकारियों के जज्बे की सराहना की और कहा कि CJP युवाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
 

CJP का आंदोलन समाप्त


नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और केंद्र सरकार द्वारा मांगों को मानने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने जंतर-मंतर पर चल रहे अपने 37 दिवसीय ऐतिहासिक आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा की है। इसके एक दिन बाद, रविवार को, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने देशवासियों के लिए एक भावुक वीडियो संदेश जारी किया। इस संदेश में उन्होंने अपने समर्थकों का आभार व्यक्त किया और बताया कि यह आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि यह देश की व्यवस्था में बदलाव की एक नई शुरुआत है।


अभिजीत दीपके का वीडियो संदेश

CJP Founder @abhijeet_dipke releases a video thanking everyone who made the huge victory of the youth possible.

He also thanks all critics for helping him improve, and eventually deliver on the promise of the Cockroach Janta Party’s first campaign. #ANewDay pic.twitter.com/1JQNozymLo

— Cockroach is Back (@Cockroachisback) July 26, 2026



दीपके की राहत और आभार

बिना तनाव के गहरी नींद सो सका


वीडियो में अभिजीत दीपके ने राहत महसूस करते हुए कहा कि 37 दिनों के बाद वह बिना किसी मानसिक दबाव के चैन की नींद सो पाए। उन्होंने कहा, 'आज सुबह जब मेरी आंख खुली, तो मेरे मन में यह चिंता नहीं थी कि आगे क्या करना है। अब कोई घबराहट नहीं है।'


नई चुनौती का सामना करना पड़ा


दीपके ने बताया कि पिछले 37 दिन उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहे। आंदोलन के दौरान हर पल एक नई चुनौती का सामना करना पड़ा, लेकिन उनकी टीम के हौसले ने संघर्ष को सफल बनाया।


समर्थकों का जताया आभार


उन्होंने अपने समर्थकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी जीत संभव नहीं होती यदि लोग उन पर विश्वास नहीं करते।


दीपके ने मांगी माफी


दीपके ने उन आंदोलनकारियों से माफी मांगी, जिनसे वह तुरंत नहीं मिल सके। उन्होंने अपनी सेहत का हवाला देते हुए बताया कि वह बुखार और थकान के कारण धरना स्थल छोड़ने को मजबूर हुए।


प्रदर्शनकारियों के जज्बे को सलाम


उन्होंने जंतर-मंतर पर 37 दिनों तक डटे रहने वाले युवाओं की सराहना की और कहा कि उनका समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा। दीपके ने यह भी कहा कि यह केवल पहला पड़ाव है और CJP युवाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी लड़ाई जारी रखेगी।