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CJP के नेताओं की न्यायिक हिरासत बढ़ी, अभिजीत दीपके ने पीएम मोदी पर साधा निशाना

कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत को दो दिन और बढ़ा दिया गया है। इस पर CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवा प्रदर्शनकारियों को डराने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रही है। दीपके ने सौरव और आशुतोष की बहादुरी की सराहना की और कहा कि वे जेल में रहकर भी डर नहीं रहे हैं। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और अभिजीत दीपके के विचार।
 

न्यायिक हिरासत का विस्तार

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सदस्यों सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत को दो दिन के लिए और बढ़ा दिया गया है। इस घटनाक्रम के बाद, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर सौरव और आशुतोष की तस्वीर साझा करते हुए सरकार पर आरोप लगाया कि वह पुलिस और सरकारी तंत्र का उपयोग कर युवा प्रदर्शनकारियों को डराने और असहमति की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। दीपके ने यह भी सवाल उठाया कि क्या युवा प्रदर्शनकारियों को जेल में रखना सरकार की ताकत का प्रतीक है।


दीपके का वीडियो संदेश

अभिजीत दीपके का एक वीडियो सामने आया है जिसमें उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहुत चिंतित होंगे। आपको 26 साल के सौरव दास को जेल में रखना पड़ रहा है। बच्चों को सड़कों पर पीटने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। पूरी दिल्ली में बैरिकेड लगाकर बच्चों को सड़कों पर घसीटा जा रहा है।' उन्होंने बताया कि सौरव और आशुतोष जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराने गए थे, जिसके लिए उन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। इसके बाद उनकी सुनवाई लगातार टलती रही और अंततः उनकी हिरासत को दो दिन और बढ़ा दिया गया।


पीएम मोदी पर गंभीर आरोप

दीपके ने कहा कि 26-27 साल के सौरव और 30 साल के आशुतोष को जेल में रखकर प्रधानमंत्री मोदी बहुत चिंतित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी पुलिस और अदालतों के पीछे छिप रहे हैं। दीपके ने आगे कहा, 'आप पूरी व्यवस्था का उपयोग करके दो युवाओं को नहीं डरा पा रहे हैं। अगर आपके अपने बच्चे होते, तो क्या आप उनके साथ भी ऐसा ही करते? आप खुद को एक ताकतवर प्रधानमंत्री समझ रहे हैं, लेकिन असल में आप एक कायर हैं।'


सौरव और आशुतोष की बहादुरी

अभिजीत दीपके ने सौरव और आशुतोष की बहादुरी की सराहना की। उन्होंने कहा, 'पांच दिन जेल में रहने के बाद सौरव दास मुस्कुराते हुए अदालत में आए। वही सौरव, जो पहले कहता था कि वह एक दिन भी जेल में नहीं रह सकता, अब जब उसे पता चला कि उसकी न्यायिक हिरासत बढ़ गई है, तब भी वह डरता नहीं है।' आशुतोष के बारे में भी उन्होंने कहा कि उनके चेहरे पर भी जेल में रहने के बाद डर नहीं है।


प्रदर्शन का संदर्भ

यह मामला दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से संबंधित है। CJP के सौरव दास और आशुतोष रांका उन 14 लोगों में शामिल थे, जिन्होंने बैरिकेड पार कर जंतर-मंतर में प्रवेश किया और वहां तिरंगा लहराया। इससे पहले, सरकार ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थानों की सूची से हटा दिया था। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और 13 अक्टूबर को दोनों नेताओं को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। 19 अक्टूबर को उनकी हिरासत को दो दिन और बढ़ा दिया गया।


रत्ना सिंह की प्रतिक्रिया

CJP की लीगल अफेयर्स हेड रत्ना सिंह ने सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत बढ़ाए जाने पर सरकार पर हमला किया। उन्होंने कहा, 'अदालत में जो कुछ भी हो रहा है, वह एक मजाक है। मुझे नहीं पता कि इसे अदालत कहना चाहिए या नहीं, क्योंकि यहां कानून के नजरिए से कोई बात नहीं हुई है।' उन्होंने कोर्ट पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह अपर अदालत में अपील दायर करेंगी।


भावुक अभिजीत दीपके का पोस्ट

सौरव और आशुतोष की न्यायिक हिरासत बढ़ाए जाने के मामले में अभिजीत दीपके लगातार सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं। एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'सौरव और आशु ऐसे नेता हैं, जिन्हें मैं अपना आदर्श मानता हूं। मुझे नहीं पता था कि हम इस आंदोलन को कैसे आगे बढ़ाएंगे, लेकिन इन दोनों ने जिम्मेदारी अपने हाथों में ली और आज CJP जिस मुकाम पर है, उसे यहां तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई।' उन्होंने आगे कहा, 'मैं खुद को खुशनसीब मानता हूं कि मुझे इन दोनों को अपना भाई कहने का मौका मिला। उनसे हर दिन बहुत कुछ सीखने को मिलता है।'