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CJP के नेताओं की रिहाई: एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दीपके और उनके सहयोगियों को दिल्ली में शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन में भाग लेने से पहले हिरासत में लिया गया था। उन्हें एक साल तक 'शांति भंग' करने वाले कार्यों से दूर रहने की शर्त पर रिहा किया गया है। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई के बारे में।
 

CJP नेताओं की हिरासत और रिहाई


नई दिल्ली. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दीपके और उनके सहयोगियों को जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन में भाग लेने से पहले हिरासत में लिया गया था। उन्हें सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ स्थानीय अदालत द्वारा रिहा किया गया। शनिवार को दिल्ली में विमान से उतरने के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया था और रविवार को एहतियातन रखा गया। सूत्रों के अनुसार, इन तीनों को एक साल तक 'शांति भंग' करने वाले कार्यों से दूर रहने की शर्त पर रिहा किया गया है.


CJP के नेताओं को रविवार सुबह दिल्ली कैंटोनमेंट में कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन की योजना बनाई गई थी, जिसमें वोटिंग लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में अनियमितताओं का विरोध किया जाना था।


#WATCH | Delhi: CJP leaders Abhijeet Dipke, Ashutosh Ranka, and Saurav Das at a police station after they were released from Delhi Cantt Police Station. https://t.co/lpTrp2zXES

— News Media (@NewsMedia) October 11, 2026




शनिवार को 3000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, जिनमें कई राजनेता भी शामिल थे। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। दिल्ली के जंतर-मंतर पर अव्यवस्था को रोकने के लिए पुलिस ने सुरक्षा का कड़ा घेरा बना दिया था, जिसके कारण प्रदर्शनकारियों को शहर के विभिन्न हिस्सों में छोटे-छोटे समूहों में प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा।



यूट्यूब एक्टिविस्ट ध्रुव राठी को भी शनिवार रात रिहा किया गया। वह कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के समर्थक हैं और NDA सरकार के आलोचक रहे हैं। रविवार को सुप्रीम कोर्ट में एक महत्वपूर्ण सुनवाई होने की संभावना है, जिसमें दिल्ली मेट्रो स्टेशनों और ट्रेन सेवाओं को बंद करने के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को इस मामले में नोटिस भी जारी किया है।


Preventive arrest u/s 126/170 BNSS of Sh. Abhijeet Dipke, Sh. Ashutosh Ranka and Sh. Saurav Das was done on 10.10.2026. All due legal procedures were followed and they were produced before the SEM Court, Delhi Cantt on 11.10.2026.

A bail bond as Surety Bond of ₹50,000/- was filled for maintaining peace and good behaviour, for a period of one year, and they were released by the SEM Court.

— Delhi Police (@DelhiPolice) October 11, 2026




दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को 10 अक्टूबर 2026 को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126/170 के तहत एहतियातन हिरासत में लिया गया था। सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया और 11 अक्टूबर 2026 को उन्हें दिल्ली कैंट स्थित SEM अदालत में पेश किया गया।


शांति बनाए रखने और एक वर्ष तक अच्छे आचरण का पालन करने के लिए 50,000 रुपये का जमानत बांड भरा गया, जिसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।