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आजमगढ़ में चार हत्याओं का चौंकाने वाला मामला: आरोपी का एनकाउंटर

आजमगढ़ में चार लोगों की हत्या के मामले में एक आरोपी का एनकाउंटर हुआ है। यह घटना 2019 में शुरू हुई थी, जब एक भाई ने दूसरे भाई की हत्या की थी। हाल ही में रिहा हुए आरोपी ने पूजा के दौरान विवाद के बाद अपनी पत्नी और दो पुजारियों की हत्या कर दी। पुलिस ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन उसने फायरिंग की, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। जानें इस जघन्य घटना की पूरी कहानी।
 

आजमगढ़ में हत्याओं का रहस्य

आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में चार व्यक्तियों की हत्या और मुठभेड़ में मारे गए आरोपी अरविंद के बारे में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। यह मामला 2019 से शुरू हुआ था, जब अरविंद के चचेरे भाई मनीष ने उसके भाई सुनील की हत्या कर दी थी। मनीष को इस मामले में जेल भेजा गया था और वह हाल ही में लगभग डेढ़ महीने पहले रिहा हुआ था।


प्रेम संबंध और प्रतिशोध

सूरज सिंह ने बताया कि बबीता का मनीष के साथ प्रेम संबंध था, जिसे सुनील ने जान लिया था। सुनील, जो बाला साहब ठाकरे के जनसंपर्क अधिकारी थे, ने मनीष के खिलाफ कई मामले दर्ज कराए थे। 2019 में, मनीष और उसके भाई अवनीश को 20 साल की सजा सुनाई गई थी। जेल से बाहर आने के बाद, उन्होंने सुनील की हत्या कर दी।


पूजा का विवाद और हत्या

अरविंद की पत्नी और मां ने पुजारियों से संपर्क किया था, जिन्होंने कहा कि सुनील की आत्मा उन्हें परेशान कर रही है। इस पर पूजा का आयोजन किया गया। लेकिन जब अरविंद ने पूजा के दौरान गुस्से में आकर अपनी पत्नी से कहा कि उसके कारण उसके भाई की हत्या हुई, तो उसने गोलीबारी शुरू कर दी।


पुलिस की कार्रवाई

घटना के बाद, अरविंद ने अपने बच्चों को बंधक बना लिया। पुलिस ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन उसने अपने बेटे को गोली मार दी। अंततः पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां अरविंद ने उन पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया और अस्पताल में उसकी मौत हो गई।


खूनी घटनाक्रम का अंत

इस घटना में अरविंद की पत्नी, बेटे और दो पुजारियों की हत्या हुई। पुलिस ने सात घंटे तक उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन अंततः स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। पुलिस ने ऑपरेशन शुरू किया और अरविंद को एनकाउंटर में मार गिराया।