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दिल्ली होटल अग्निकांड: शवों के लिए वसूली का विवाद

दिल्ली के फ्लोरिश स्टे होटल में हाल ही में हुए अग्निकांड के बाद बांग्लादेशी नागरिक शमिया चौधरी ने आरोप लगाया है कि मृतकों के शवों को भेजने के लिए उनसे पैसे मांगे गए। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और प्रशासन की कार्रवाई के बारे में।
 

दिल्ली के फ्लोरिश स्टे होटल में आग का मामला


दिल्ली के मालवीय नगर में स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में हाल ही में हुए भयानक अग्निकांड के बाद एक नया विवाद उभरा है। बांग्लादेशी नागरिक शमिया चौधरी ने आरोप लगाया है कि मृतकों के शवों को उनके देश भेजने के लिए उनसे 1.80 लाख रुपए की मांग की गई। शमिया का कहना है कि उन्हें पहले बताया गया था कि सरकार द्वारा शवों को मुफ्त में भेजने की व्यवस्था की जाएगी, लेकिन बाद में दूतावास में पैसे जमा करने के लिए कहा गया। इस मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।


शमिया चौधरी ने बताया कि जब आग लगी, तब वह होटल की तीसरी मंजिल पर कमरे नंबर 302 में थीं। उनके साथ वहां पांच अन्य लोग भी थे। उन्होंने कहा कि सुबह लगभग आठ बजे अचानक आग लग गई और धुआं तेजी से फैलने लगा। उस समय उन्हें लगा कि उनकी जान बचना मुश्किल है। चारों ओर अफरा-तफरी मच गई थी और लोग अपनी जान बचाने के लिए भाग रहे थे। बाद में पुलिस और राहतकर्मियों की मदद से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया। शमिया ने कहा कि पुलिस की मदद से उन्हें कुछ सामान वापस मिला है, लेकिन कई महत्वपूर्ण चीजें अब भी गायब हैं। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है।


दिल्ली सरकार ने इस हादसे में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी है और बचाव कार्य में शामिल पुलिसकर्मियों, राहतकर्मियों और स्थानीय लोगों को सम्मानित किया है। जांच में यह भी सामने आया है कि होटल के पास केवल छह कमरों का लाइसेंस था, जबकि वहां लगभग 25 कमरे चलाए जा रहे थे। इमारत में उचित वेंटिलेशन की कमी थी और बाहर निकलने का केवल एक ही रास्ता था। इसके अलावा, फायर अलार्म, स्मोक डिटेक्टर और स्प्रिंकलर सिस्टम जैसे आवश्यक सुरक्षा उपकरण भी सही से काम नहीं कर रहे थे। यही कारण था कि आग तेजी से फैली और लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। 3 जून को हुए इस दुखद हादसे में अब तक 23 लोगों की जान जा चुकी है। इस घटना ने राजधानी में होटल और गेस्ट हाउसों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।