CBSE 12वीं बोर्ड में मार्किंग सिस्टम की गड़बड़ियों पर छात्रों का विरोध
छात्रों का सक्रियता का नया उदाहरण
CBSE की 12वीं बोर्ड परीक्षा में ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम में आई गड़बड़ियों को लेकर छात्र सार्थक सिद्धांत ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि छात्रों द्वारा बनाई गई किसी भी पार्टी या आंदोलन का मुख्य उद्देश्य स्पष्ट होना चाहिए।
जांच-पड़ताल का महत्व
सार्थक ने उदाहरण देते हुए कहा, 'जैसे मैंने जांच की, वैसे ही निसर्ग ने भी कुछ किया। हमने जो जानकारी इकट्ठा की, उसे छात्रों की सहायता के लिए साझा किया।' उन्होंने रिसर्च आधारित सक्रियता और सोशल मीडिया पर चलने वाले ट्रेंड्स के बीच के अंतर को स्पष्ट किया और वेदांत श्रीवास्तव का भी उल्लेख किया।
सार्थक, वेदांत और निसर्ग का योगदान
सार्थक सिद्धांत, वेदांत और हैकर निसर्ग ने मिलकर 12वीं की मार्कशीट में गड़बड़ियों का पता लगाया और इसे सार्वजनिक किया। इसके साथ ही, CBSE के OSM मूल्यांकन प्रणाली में आई समस्याओं को भी उठाया। ये तीनों छात्र इस वर्ष की परीक्षाओं से जुड़े विवादों के खिलाफ छात्रों के बड़े विरोध का प्रतीक बन गए हैं।
सार्थक सिद्धांत की चेतावनी
सार्थक सिद्धांत ने एक अंग्रेजी समाचार पत्र को दिए इंटरव्यू में कहा कि ऑनलाइन सक्रियता को केवल इंटरनेट तक सीमित नहीं रखना चाहिए। उन्होंने कहा, 'इंटरनेट एक्टिविज्म ठीक है, लेकिन केवल अपनी जगह पर बैठकर कुछ न करना सही नहीं है।' उन्होंने यह भी कहा कि वह केवल ऑनलाइन पहचान बनाने के लिए चलाए जा रहे आंदोलनों का समर्थन नहीं करेंगे।
सक्रियता का महत्व
सिद्धांत ने कहा, 'हां, इंटरनेट एक्टिविज्म ठीक है। मैंने जो किया, निसर्ग और वेदांत ने जो किया, वह आमतौर पर इंटरनेट एक्टिविज्म था। लेकिन मैं यह कहूंगा कि अगर लोग अपनी जगह पर बैठे हैं और कुछ नहीं कर रहे हैं, तो यह एक नकारात्मक बात है।'