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E20 पेट्रोल पर बहस: प्रीमियम पेट्रोल में एथेनॉल की सच्चाई

E20 पेट्रोल के उपयोग पर चल रही बहस में, कई उपभोक्ता यह शिकायत कर रहे हैं कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से उनके वाहनों का माइलेज घट गया है। सरकार का दावा है कि E20 पेट्रोल सुरक्षित है और पर्यावरण के लिए फायदेमंद है। इस लेख में, हम प्रीमियम पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा और विभिन्न पेट्रोल कंपनियों की जानकारी पर चर्चा करेंगे। जानें कि क्या महंगा पेट्रोल हमेशा एथेनॉल-मुक्त होता है और वाहन मालिकों को क्या ध्यान में रखना चाहिए।
 

E20 पेट्रोल पर बढ़ती बहस

देश में E20 पेट्रोल के उपयोग को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के इस्तेमाल से उनकी गाड़ियों का माइलेज घट गया है और रखरखाव का खर्च भी बढ़ गया है। दूसरी ओर, सरकार का दावा है कि E20 पेट्रोल से वाहनों को कोई हानि नहीं होती और यह पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है। इस बीच, एक और सवाल उठ रहा है कि क्या प्रीमियम पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा कम होती है या यह पूरी तरह से एथेनॉल-मुक्त है?


प्रीमियम पेट्रोल का उपयोग

पुरानी गाड़ियों के कई मालिक प्रीमियम पेट्रोल को बेहतर विकल्प मानते हैं। उनका मानना है कि महंगे पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा कम होती है, जिससे इंजन पर इसका प्रभाव कम पड़ता है। हालांकि, तेल कंपनियों की जानकारी कुछ और ही दर्शाती है। सभी प्रीमियम पेट्रोल एथेनॉल-मुक्त नहीं होते। विभिन्न कंपनियों और पेट्रोल के विभिन्न ग्रेड में एथेनॉल की मात्रा भिन्न हो सकती है.


पेट्रोल कंपनियों की जानकारी

इंडियन ऑयल अपने पेट्रोल पंपों पर सामान्य पेट्रोल के साथ-साथ XP95 और XP100 पेट्रोल भी उपलब्ध कराती है। XP100 में एथेनॉल की मौजूदगी को लेकर विभिन्न दावे किए गए हैं। पहले कंपनी ने कहा था कि इसमें 10% एथेनॉल है, लेकिन बाद में एक RTI के जवाब में बताया गया कि XP100 पूरी तरह एथेनॉल-मुक्त है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और प्रयोगशाला परीक्षणों से भी यह स्पष्ट हुआ है कि इस पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा या तो नगण्य है या बिल्कुल नहीं है.


हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के अनुसार, उनके सामान्य पेट्रोल में अधिकतम 20% एथेनॉल हो सकता है। Power 95 में लगभग 15%, Power 99 में 11% और Power 100 में अधिकतम 4.5% एथेनॉल मिलाया जाता है। इसका मतलब है कि HPCL का प्रीमियम पेट्रोल भी पूरी तरह एथेनॉल-मुक्त नहीं है.


भारत पेट्रोलियम (BPCL) के अनुसार, सामान्य RON-91 पेट्रोल में अधिकतम 12% एथेनॉल हो सकता है, जबकि RON-97 प्रीमियम पेट्रोल E20 श्रेणी का है और इसमें अधिकतम 20% एथेनॉल मिलाया जाता है। कंपनी का कहना है कि यह मात्रा सप्लाई के अनुसार थोड़ी भिन्न हो सकती है.


शेल इंडिया का कहना है कि उनके सामान्य पेट्रोल और Shell V-Power दोनों में सरकार के नियमों के अनुसार अधिकतम 20% एथेनॉल मिलाया जाता है। V-Power पेट्रोल में इंजन की प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए कुछ विशेष एडिटिव्स मिलाए जाते हैं. वहीं, Jio-bp का कहना है कि वे पूरे देश में केवल E20 पेट्रोल ही बेचते हैं.


वाहन मालिकों के लिए सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि केवल महंगे पेट्रोल के आधार पर यह मान लेना गलत है कि उसमें एथेनॉल नहीं है। हर कंपनी और पेट्रोल के प्रकार की अपनी अलग संरचना हो सकती है। इसलिए, गाड़ी में पेट्रोल भरवाने से पहले उपभोक्ताओं को कंपनी की आधिकारिक जानकारी देख लेनी चाहिए। खासकर अप्रैल 2023 से पहले बनी गाड़ियों के मालिकों को कंपनी की सलाह के अनुसार ही पेट्रोल का उपयोग करना चाहिए, ताकि इंजन की प्रदर्शन और उसकी उम्र पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े.