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ईरान और भारत के बीच ऊर्जा सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में कदम

ईरान की अर्थव्यवस्था में सुधार के प्रयासों के तहत, हाल ही में ईरान के पेट्रोलियम मंत्री ने भारत के केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की। इस बैठक में ऊर्जा संबंधों को बढ़ाने और द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की गई। ईरान को अमेरिका से तेल निर्यात की अनुमति मिलने के बाद, दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। जानें इस महत्वपूर्ण बैठक के बारे में और क्या चर्चा हुई।
 

ईरान की अर्थव्यवस्था में सुधार की कोशिश

युद्ध के बाद ईरान की आर्थिक स्थिति में काफी गिरावट आई है। अमेरिका के साथ चल रही शांति वार्ता के बीच, ईरान अपने व्यापार को बढ़ाने की योजना बना रहा है। हाल ही में, ईरान के पेट्रोलियम मंत्री मोहसेन पाकनेजाद ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों ने ऊर्जा संबंधों को विस्तार देने, ऊर्जा सहयोग को बढ़ाने और व्यापार को बढ़ाने पर चर्चा की।


ब्रिक्स बैठक में द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा

ईरान के तेल मंत्रालय के समाचार आउटलेट शाना के अनुसार, भारत में ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक के दौरान, दोनों देशों के पेट्रोलियम मंत्रियों ने एक-दूसरे से मुलाकात की। इस दौरान, भारत और ईरान ने हाइड्रोकार्बन क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने पर विचार किया।


द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता

ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक के दौरान, मोहसेन पाकनेजाद ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री और आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल से भी बातचीत की। ईरानी दूतावास ने बताया कि दोनों देशों ने ऊर्जा क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया और इसे और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।


भारत और ईरान के ऐतिहासिक संबंध

ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक में ईरान के मंत्री ने कहा कि ईरान और भारत के बीच सदियों पुराना ऐतिहासिक संबंध है। उन्होंने कहा कि वह ब्रिक्स संघ के सदस्य देशों के ऊर्जा मंत्रियों की बैठक में भाग लेने आए हैं और द्विपक्षीय सत्रों में चर्चा के लिए तत्पर हैं।


ईरान को अमेरिका से मिली तेल निर्यात की अनुमति

हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच एक अंतरिम समझौता हुआ है, जिसके तहत अमेरिका ने ईरान को एक अस्थायी लाइसेंस जारी किया है। इस लाइसेंस के माध्यम से, ईरान 60 दिनों तक कच्चे तेल का निर्यात कर सकता है। 2019 से पहले, भारत ईरानी तेल का एक प्रमुख खरीदार था, लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण भारत ने आयात बंद कर दिया था।