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कर्नाटक सरकार और तेल कंपनियों के बीच E20 पेट्रोल पर विवाद

कर्नाटक सरकार और सरकारी तेल कंपनियों के बीच E20 पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। राज्य सरकार ने आरोप लगाया है कि पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा 20 प्रतिशत से अधिक है, जबकि कंपनियों ने इसे खारिज किया है। मंत्री रिजवान अरशद के अनुसार, प्रयोगशालाओं ने एथेनॉल की मात्रा 31.2 प्रतिशत पाई है, जबकि कंपनियों का कहना है कि उनकी जांच मानकों के अनुसार नहीं थी। जानें इस विवाद के सभी पहलुओं के बारे में।
 

कर्नाटक सरकार और तेल कंपनियों के बीच टकराव

कर्नाटक सरकार और सरकारी तेल कंपनियों के बीच E20 पेट्रोल को लेकर विवाद बढ़ गया है। राज्य सरकार ने आरोप लगाया है कि पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा 20 प्रतिशत की निर्धारित सीमा से अधिक है, जबकि कंपनियों ने इस दावे को खारिज कर दिया है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने एक बयान में कहा कि राज्य सरकार की जांच वैधानिक और तकनीकी मानकों के अनुसार नहीं की गई।


कर्नाटक सरकार के दावे

कर्नाटक के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और विधिक माप विज्ञान मंत्री रिजवान अरशद ने पहले कहा था कि राज्य की प्रयोगशालाओं ने पेट्रोल के नमूनों में एथेनॉल की मात्रा 31.2 प्रतिशत तक पाई है, जिसे उन्होंने चिंताजनक बताया। कंपनियों का कहना है कि यह जांच मोटर स्पिरिट एंड हाई स्पीड डीजल कंट्रोल ऑर्डर, 2005 और मार्केटिंग डिसिप्लिन गाइडलाइंस, 2024 के अनुसार नहीं थी।


कंपनियों के आंकड़े

कंपनियों का कहना है कि नमूने उनके प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति में लिए गए थे। उन्होंने बताया कि पेट्रोलियम मंत्रालय के सेंटर फॉर हाई टेक्नोलॉजी द्वारा 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के डिपो और रिटेल आउटलेट से 893 नमूने लिए गए, जिनमें एथेनॉल की मात्रा 19 से 21 प्रतिशत के बीच पाई गई। कर्नाटक में जांचे गए 56 नमूने भी मानक के अनुरूप थे, जिनमें एथेनॉल की मात्रा 19 से 20 प्रतिशत के बीच रही।


राज्य सरकार से मांग

तेल कंपनियों ने राज्य सरकार से सभी सैंपलिंग दस्तावेज, प्रयोगशाला रिपोर्ट और जांच की प्रक्रिया की जानकारी मांगी है। उन्होंने स्वतंत्र जांच के लिए काउंटरपार्ट नमूनों तक पहुंच की भी मांग की है। कंपनियों ने कहा कि वे संयुक्त सैंपलिंग और जांच में सहयोग के लिए तैयार हैं।


कर्नाटक सरकार का दावा

मंत्री रिजवान अरशद के अनुसार, 63 पेट्रोल पंपों में से 14 की प्रयोगशाला रिपोर्ट में कुछ इंडियन ऑयल पंपों पर 31.2 प्रतिशत और कुछ HPCL पंपों पर 30.5 प्रतिशत एथेनॉल पाया गया। सरकार का कहना है कि BPCL, नायरा और शेल के कुछ पंपों पर भी एथेनॉल की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक मिली।


कांग्रेस का आरोप

कर्नाटक सरकार ने यह भी कहा कि नमूने पहले इंडियन ऑयल और HPCL की प्रयोगशालाओं में भेजे गए थे, लेकिन इन प्रयोगशालाओं ने एथेनॉल की मात्रा नहीं बताई। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि तेल कंपनियों के पेट्रोल सैंपल में एथेनॉल मिश्रण में बड़े अंतर का खुलासा हुआ है। अलग-अलग कंपनियों के ईंधन में एथेनॉल की मात्रा 13.5 प्रतिशत से 31.2 प्रतिशत तक पाई गई है।