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गुरुग्राम में नकली मौनजारो इंजेक्शन बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़

गुरुग्राम में एक दवा तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है, जिसमें नकली मौनजारो इंजेक्शन बनाए जा रहे थे। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो चीन से कच्ची दवाइयां आयात कर इन इंजेक्शनों का निर्माण कर रहे थे। स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले में अलर्ट जारी किया है। जानें इस गिरोह की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य पर संभावित खतरे के बारे में।
 

गुरुग्राम में दवा तस्करी का मामला

डायबिटीज और वजन बढ़ने की समस्या आजकल हर परिवार में देखने को मिल रही है। इस समस्या के समाधान के लिए कई दवाएं और इंजेक्शन उपलब्ध हैं, जिनमें से एक मौनजारो है, जिसका उपयोग शुगर नियंत्रण और वजन घटाने के लिए किया जाता है। हाल ही में, इस इंजेक्शन की बढ़ती मांग का गलत फायदा उठाते हुए कुछ आपराधिक तत्वों ने एक दवा तस्करी रैकेट का संचालन किया। हरियाणा के गुरुग्राम में एक सोसायटी में नकली मौनजारो इंजेक्शन बनाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।


पुलिस की कार्रवाई

मादक द्रव्य नियंत्रण अधिकारी अमनदीप चौहान ने बताया कि नकली इंजेक्शन के खिलाफ देशभर में अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोमवार को सेक्टर 62 की एक सोसायटी पर छापा मारा, जहां मुख्य आरोपी सहित दो लोगों को पकड़ा गया।


गिरोह की कार्यप्रणाली

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी चीन से कच्ची दवाइयां आयात कर मौनजारो के नकली इंजेक्शन तैयार कर रहे थे। यह गिरोह सोसायटी के एक फ्लैट से संचालित हो रहा था और इन अवैध इंजेक्शनों की बिक्री बी2बी पोर्टल इंडियामार्ट के माध्यम से की जा रही थी। मौनजारो टाइप 2 डायबिटीज के उपचार में सहायक होता है और वजन घटाने में मदद करता है।


इंजेक्शन बनाने की प्रक्रिया

अमनदीप चौहान ने बताया कि उन्हें गुरुग्राम में नकली इंजेक्शन बनाने की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर छापा मारा गया। शनिवार को टीम ने डीएलएफ फेज 4 में एक वाहन से 70 लाख रुपये के इंजेक्शन बरामद किए थे। जांच के दौरान, टीम ने पाया कि कच्ची दवा में पानी मिलाकर इंजेक्शन तैयार किए जा रहे थे। पैकेजिंग, बारकोडिंग और लेबलिंग का काम भी उसी फ्लैट में किया जा रहा था।


गिरफ्तारी और आगे की जांच

डीएलएफ फेज 4 से डिलीवरीमैन मुज्जमिल को गिरफ्तार किया गया, और बाद में मुख्य आरोपी अवि शर्मा को भी हिरासत में लिया गया। मुज्जमिल उत्तर प्रदेश का निवासी है, जबकि अवि गुरुग्राम का है। आरोपियों ने अपने फ्लैट में ये इंजेक्शन तैयार किए थे। स्वास्थ्य विभाग ने इन नकली इंजेक्शनों के बारे में अलर्ट जारी कर दिया है। बैच नंबर भी साझा किए गए हैं ताकि स्वास्थ्य विभाग की टीमें सतर्क रहें।


स्वास्थ्य पर संभावित खतरे

अधिकारी ने कहा कि नकली इंजेक्शनों की आपूर्ति के स्रोत और गिरोह में शामिल लोगों की संख्या का पता लगाने के लिए जांच जारी है। दवा विक्रेता राजेश गोयल ने बताया कि बढ़ती मांग का फायदा उठाकर नकली इंजेक्शन बाजार में लाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे नकली उत्पाद गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न कर सकते हैं।