तेजस लड़ाकू विमान की लैंडिंग के दौरान दुर्घटना: वायुसेना ने सुरक्षा ऑडिट का किया आदेश
नई दिल्ली में तेजस विमान की दुर्घटना
नई दिल्ली : भारतीय वायुसेना के स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमान से जुड़ी एक चिंताजनक घटना सामने आई है। हाल ही में एक महत्वपूर्ण एयर बेस पर लैंडिंग के दौरान एक तेजस विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में पायलट सुरक्षित रहा, लेकिन विमान को गंभीर नुकसान पहुँचा है, जिससे सुरक्षा मानकों पर सवाल उठ रहे हैं। वायुसेना ने अब तेजस बेड़े के सभी विमानों का गहन तकनीकी निरीक्षण और सुरक्षा ऑडिट कराने का निर्णय लिया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
लैंडिंग के दौरान गंभीर क्षति
सूत्रों के अनुसार, यह दुर्घटना लैंडिंग के संवेदनशील चरण में हुई, जिसमें विमान को इतनी गंभीर क्षति पहुँची है कि इसे फिर से उपयोग में लाना मुश्किल हो सकता है। विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि इसे सेवा से बाहर करना अनिवार्य हो सकता है। वायुसेना ने इस घटना के तकनीकी पहलुओं की गहन जांच के लिए एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है। यह पता लगाया जा रहा है कि क्या लैंडिंग सिस्टम में कोई बड़ी तकनीकी खराबी थी।
पायलट की सुरक्षा
पायलट को कोई गंभीर चोट नहीं आई
इस दुर्घटना का एक सकारात्मक पहलू यह है कि विमान उड़ा रहे पायलट को कोई गंभीर चोट नहीं आई। आपात स्थिति में पायलट ने अपने कौशल का बेहतरीन प्रदर्शन किया, जिससे एक बड़ा मानवीय संकट टल गया। विमान की भारी क्षति के बावजूद पायलट की सलामती को वायुसेना ने राहत की बात माना है। फिलहाल, पायलट की स्थिति पर चिकित्सकों की नजर बनी हुई है, लेकिन इस घटना ने विमान के सुरक्षा गियर की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Mk1A विमानों का ऑर्डर
180 Mk1A विमानों का विशाल ऑर्डर दिया हुआ
दुर्घटनाग्रस्त विमान उन 32 एकल-सीट वाले तेजस विमानों के पहले बैच का हिस्सा था, जिन्हें हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने वायुसेना को सौंपा है। उल्लेखनीय है कि तेजस के नए और उन्नत संस्करण Mk1A की आपूर्ति में पहले से ही कई समयसीमाएँ पार हो चुकी हैं, जिससे वायुसेना की क्षमता बढ़ाने की योजना प्रभावित हो रही है। भारतीय वायुसेना ने कुल 180 Mk1A विमानों का बड़ा ऑर्डर दिया है। अब इस ताजा दुर्घटना के बाद सुरक्षा मानकों और गुणवत्ता नियंत्रण पर दबाव बढ़ गया है।
तीसरी बड़ी दुर्घटना
दो वर्षों में तीसरी बड़ी दुर्घटना
तेजस विमानों से जुड़ी यह तीसरी बड़ी दुर्घटना है, जिसने रक्षा गलियारों में चिंता बढ़ा दी है। इससे पहले मार्च 2024 में जैसलमेर के पास एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जब वह एक अभ्यास सत्र से लौट रहा था। उस समय पायलट ने सूझबूझ से इजेक्ट कर अपनी जान बचाई थी। हालांकि, नवंबर 2025 में दुबई एयरशो के दौरान हुआ हादसा काफी दुखद था, जिसमें पायलट की मृत्यु हो गई थी। इसकी जांच अभी जारी है।
सख्त तकनीकी निरीक्षण का आदेश
तकनीकी निरीक्षण का सख्त आदेश
वर्तमान दुर्घटना के बाद वायुसेना ने तेजस बेड़े के सभी विमानों का गहन सुरक्षा ऑडिट और तकनीकी निरीक्षण करने का आदेश दिया है। विशेषज्ञों की एक टीम अब इंजन से लेकर फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम की बारीकी से जांच करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कहीं कोई तकनीकी दोष न हो। 180 नए उन्नत विमानों की खेप आने से पहले मौजूदा बेड़े की सुरक्षा खामियों को दूर करना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी महंगी और खतरनाक दुर्घटनाओं से बचा जा सके।