दिल्ली में इमारतों के हादसे: सुरक्षा मानकों की अनदेखी का गंभीर परिणाम
दिल्ली में फिर से एक भयानक हादसा
दिल्ली, जो देश की राजधानी है, में एक बार फिर से एक गंभीर घटना घटित हुई है। हाल ही में एक इमारत ढह गई, जिससे 6 लोगों की जान चली गई। यह घटना उस समय हुई जब BRICS सम्मेलन की तैयारियों के बीच विश्व स्तरीय भारत मंडपम को सजाया जा रहा था। पिछले कुछ वर्षों में, दिल्ली में कई ऐसे हादसे हो चुके हैं, जहां लोग पानी में डूबने, आग में जलने और अब इमारत गिरने के कारण मारे गए हैं। हर बार जांच और सुधार के वादे किए जाते हैं, लेकिन ये वादे अगले हादसे के शोर में खो जाते हैं।
MCD पर फिर से उठे सवाल
दिल्ली नगर निगम (MCD) एक बार फिर से आलोचना के घेरे में है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने MCD के खिलाफ प्रदर्शन किया है, जो भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा संचालित है। पिछले कुछ समय में, जब से बीजेपी सत्ता में है, तब से दो बड़े हादसे हो चुके हैं। जुलाई 2024 में ओल्ड राजेंद्र नगर में एक कोचिंग के बेसमेंट में पानी भरने से बच्चों की मौत हुई थी, जिसके लिए बीजेपी ने आम आदमी पार्टी (AAP) को जिम्मेदार ठहराया था। अब, एक बार फिर से लोग अप्राकृतिक मौतों का शिकार हो रहे हैं।
तीन प्रमुख हादसे और उनकी गंभीरता
1. ओल्ड राजेंद्र नगर में कोचिंग के बेसमेंट में डूबने से 3 की मौत (27 जुलाई 2024): ओल्ड राजेंद्र नगर में Rau's IAS कोचिंग के बेसमेंट में पानी भरने से 3 छात्रों की जान चली गई। इस मामले में अवैध निर्माण और लाइब्रेरी खोलने की अनुमति मिलने की बात सामने आई। जांच में पाया गया कि नगर निगम और फायर विभाग को इस स्थिति की जानकारी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
2. मालवीय नगर में होटल में आग (3 जून 2026): मालवीय नगर में एक होटल में आग लगने से 23 लोगों की जान गई। होटल के मालिक लवकेश बजाज को जेल में डाल दिया गया है। इस मामले में यह भी सामने आया कि होटल बिना फायर NOC के चल रहा था।
3. सत्य निकेतन में बिल्डिंग गिरने से मौत (6 सितंबर 2026): हाल ही में सत्य निकेतन में एक इमारत गिर गई, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई। यह इमारत सील होने के बावजूद पीजी के रूप में उपयोग की जा रही थी।
दिल्ली की इमारतों की सुरक्षा पर सवाल
इन तीन हादसों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि दिल्ली की कई इमारतों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। MCD, फायर सेफ्टी विभाग और अन्य एजेंसियों के अधिकारी कई बार जिम्मेदार पाए गए हैं। हर साल, MCD खतरनाक इमारतों की जांच करती है, लेकिन इस साल केवल 19 इमारतें खतरनाक पाई गईं, जिस पर बीजेपी नेताओं ने भी सवाल उठाए।
दिल्ली में पिछले कुछ वर्षों में कई इमारतें गिरने की घटनाएं हुई हैं, जिनमें कई लोगों की जान गई है। फायर सेफ्टी विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में केवल 101 सोसायटियों के पास फायर सेफ्टी NOC है।
क्या कार्रवाई हो रही है?
हर बार हादसों के बाद अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की बात की जाती है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि कार्रवाई कितनी प्रभावी रही है। 2025 में MCD ने 4766 अवैध निर्माण के खिलाफ केस दर्ज किए, लेकिन केवल 22 को पूरी तरह से ध्वस्त किया गया।
दिल्ली में आग लगने की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। फायर विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 898 सोसायटियों में से केवल 101 के पास फायर सेफ्टी NOC है।