नीट-यूजी 2024 पेपर लीक मामले में संजीव मुखिया को मिली राहत
सीबीआई ने संजीव मुखिया की भूमिका को किया खारिज
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने गुरुवार को यह जानकारी दी कि नीट-यूजी 2024 पेपर लीक मामले में आरोपी संजीव मुखिया के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं। पहले बिहार पुलिस ने नीट-यूजी प्रश्नपत्र की चोरी की घटना का पता लगाया था, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया था। बाद में यह जांच सीबीआई को सौंप दी गई।
सीबीआई की जांच में संजीव मुखिया का नाम नहीं आया
सीबीआई के प्रवक्ता ने बताया कि प्रारंभ में संजीव मुखिया पर चोरी में शामिल होने का संदेह था, क्योंकि वह पहले भी प्रश्नपत्र चोरी के कुछ मामलों में शामिल पाया गया था। इसी आधार पर बिहार पुलिस ने उसे प्राथमिकी में आरोपी बनाया था। लेकिन जांच के दौरान सीबीआई को ऐसा कोई सबूत नहीं मिला, जिससे यह साबित हो सके कि संजीव मुखिया का नीट-यूजी 2024 प्रश्नपत्र चोरी या उसके वितरण में कोई हाथ था।
बिहार पुलिस ने किया था संजीव का गिरफ्तार
सीबीआई ने आगे बताया कि उस समय संजीव मुखिया फरार था, लेकिन बाद में बिहार पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। चूंकि वह एफआईआर में नामजद आरोपी था, इसलिए सीबीआई ने उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।
संजीव मुखिया के खिलाफ नहीं हुआ आरोपपत्र दाखिल
एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच में कोई ठोस सबूत न मिलने के कारण संजीव मुखिया के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल नहीं किया गया। नीट-यूजी 2024 मामले में उसे जमानत मिल गई है।
जमानत के बावजूद न्यायिक हिरासत में संजीव
हालांकि, जमानत मिलने के बाद भी वह न्यायिक हिरासत में रहा, क्योंकि बिहार पुलिस उसके खिलाफ कुछ अन्य मामलों की भी जांच कर रही है। सीबीआई ने यह भी कहा कि सभी संदिग्धों की पहचान की गई है और यह सुनिश्चित किया गया है कि कोई भी कानून से बच न सके।