पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने महंगाई भत्ते पर राज्य सरकार को लगाई फटकार
महंगाई भत्ते की सुनवाई
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लंबित महंगाई भत्ते (DA) के मामले की सुनवाई की। अदालत ने राज्य सरकार के रवैये पर नाराजगी व्यक्त की, यह कहते हुए कि यदि उच्च अधिकारियों को महंगाई भत्ता मिल रहा है, तो कर्मचारियों का DA क्यों नहीं दिया जा रहा है।
अवमानना याचिका का मामला
यह सुनवाई पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के रिटायर मुख्य अभियंता निर्मल सिंह ढिल्लों द्वारा दायर अवमानना याचिका पर हुई। याचिका में आरोप लगाया गया है कि महंगाई भत्ते और राहत के संबंध में कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया गया।
हाई कोर्ट की नाराजगी
जस्टिस हर्ष बंगेर की बेंच ने मामले की सुनवाई की। कर्मचारियों के वकील ने कहा कि पंजाब सरकार हाई कोर्ट के आदेशों को लागू करने में टालमटोल कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) दो महीने से अधिक समय से 'डिफेक्ट लिस्ट' में है।
जुर्माना और हलफनामा
सुनवाई के दौरान, हाई कोर्ट ने पाया कि पंजाब के मुख्य सचिव ने अदालत के निर्देशों का पालन नहीं किया। इसके परिणामस्वरूप, कोर्ट ने मुख्य सचिव पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया और उन्हें व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।
मुख्य सचिव की पेशी
हाई कोर्ट ने मुख्य सचिव से पूछा कि उन्होंने अदालत के निर्देशों का पालन क्यों नहीं किया। सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि सरकार ने कर्मचारियों के DA/DR लाभ रोक दिए, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों के लाभ क्यों नहीं रोके। मुख्य सचिव को 3 नवंबर 2026 को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया गया है।