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भारत और पाकिस्तान के सैन्य ड्रोन आयात में बड़ा अंतर: SIPRI रिपोर्ट

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की नई रिपोर्ट में भारत और पाकिस्तान के सैन्य ड्रोन आयात के बीच महत्वपूर्ण अंतर का खुलासा हुआ है। 2022 से 2025 के बीच, भारत ने 119 सैन्य ड्रोन आयात किए, जबकि पाकिस्तान को 40 से भी कम ड्रोन मिले। इस रिपोर्ट में यूक्रेन और रूस के सैन्य ड्रोन के उपयोग की भी चर्चा की गई है, जिसमें यूक्रेन ने 8,664 ड्रोन प्राप्त किए। जानें इस रिपोर्ट में और क्या है खास।
 

ड्रोन का बढ़ता महत्व

आधुनिक युद्ध में ड्रोन का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। रूस-यूक्रेन संघर्ष के दौरान ड्रोन के व्यापक उपयोग ने वैश्विक स्तर पर सैन्य ड्रोन की ओर ध्यान आकर्षित किया है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के आंकड़ों के अनुसार, 2022 से 2025 के बीच भारत ने पाकिस्तान की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक सैन्य ड्रोन आयात किए। इस अवधि में, यूक्रेन और रूस का सैन्य ड्रोन के उपयोग और आयात में सबसे बड़ा योगदान रहा।


भारत का सैन्य ड्रोन आयात

इन आंकड़ों के अनुसार, भारत सैन्य ड्रोन प्राप्त करने वाले देशों की सूची में छठे स्थान पर है। भारत ने कुल 16,822 सैन्य ड्रोन में से लगभग 0.7% ड्रोन प्राप्त किए। इस सूची में यूक्रेन पहले और रूस दूसरे स्थान पर हैं, जिनके पास कुल सैन्य ड्रोन ट्रांसफर का 91% से अधिक हिस्सा है।


भारत और पाकिस्तान के ड्रोन खरीदने की संख्या

SIPRI के आंकड़ों के अनुसार, 2022 से 2025 के बीच भारत ने 119 सैन्य ड्रोन आयात किए, जबकि पाकिस्तान को 40 से भी कम ड्रोन मिले। इस प्रकार, भारत ने पाकिस्तान की तुलना में 86 ड्रोन अधिक प्राप्त किए, जिससे पाकिस्तान इस सूची में 11वें स्थान पर है। यह ध्यान देने योग्य है कि SIPRI का यह आंकड़ा सभी प्रकार के ड्रोन का समावेश नहीं करता, बल्कि मुख्य रूप से 150 किलोग्राम या उससे अधिक वजन वाले बड़े सैन्य ड्रोन, एकतरफा हमले के लिए उपयोग होने वाले ड्रोन और लोइटरिंग म्यूनिशन को शामिल करता है।


हथियार आयात में अंतर

SIPRI के अनुसार, 2021 से 2025 के बीच भारत दुनिया में हथियारों का दूसरा सबसे बड़ा आयातक बना। हालांकि, 2016-20 की तुलना में इस दौरान भारत के हथियार आयात में 4% की कमी आई। भारत के कुल हथियार आयात में रूस की हिस्सेदारी 40% रही, जबकि भारत पश्चिमी देशों से भी रक्षा उपकरणों की खरीद बढ़ा रहा है। दूसरी ओर, पाकिस्तान के हथियार आयात में 66% की वृद्धि हुई, जिसमें लगभग 80% हथियार चीन से आए।


यूक्रेन और रूस का प्रमुख स्थान

2022 से 2025 के बीच सैन्य ड्रोन प्राप्त करने में यूक्रेन सबसे आगे रहा, जिसने 8,664 ड्रोन प्राप्त किए, जो कुल विश्व ड्रोन का 51.5% है। रूस 6,720 ड्रोन के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जिसकी हिस्सेदारी 39.9% रही। इसके बाद ताइवान को 291, दक्षिण कोरिया को 190 और अजरबैजान को 154 सैन्य ड्रोन मिले। अन्य देशों को मिले सैन्य ड्रोन की संख्या यूक्रेन और रूस की तुलना में काफी कम रही।