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भारत की नौसेना: समुद्री सुरक्षा और शक्ति का नया युग

भारत की नौसेना आज दुनिया की चार सबसे शक्तिशाली नौसेनाओं में से एक है। यह लेख भारतीय नौसेना की ताकत, समुद्री सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के प्रयासों पर प्रकाश डालता है। जानें कैसे भारत अपने समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा रहा है और पड़ोसी देशों के साथ तनाव को नियंत्रित कर रहा है।
 

भारत की विशाल तटरेखा और समुद्री सुरक्षा

भारत की तटरेखा 9 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों में फैली हुई है, जिसकी लंबाई 11,098.8 किलोमीटर है। समुद्र में भारतीय युद्धपोतों की गरज से न केवल तबाही मचाई जा सकती है, बल्कि यह अन्य देशों के लिए सुरक्षा का भी माध्यम बनते हैं। बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे देशों के लिए, जब भी संकट आया, भारत ने समुद्र के रास्ते उनकी मदद की।


पाकिस्तान और चीन की निगरानी

पाकिस्तान भारतीय टोही जहाजों की गतिविधियों से डरता है, जबकि चीन भारत की समुद्री गतिविधियों पर नजर रखता है। भारत अपने पड़ोसियों पर दबाव बनाता है, जिससे चीन को पीछे हटना पड़ता है।


समुद्री इतिहास: गुलामी से आजादी तक

1498 में वास्को डी गामा ने समुद्र के रास्ते भारत की यात्रा की। पुर्तगाल से आए इस व्यापारी ने भारत में पुर्तगाली शासन की नींव रखी। इसके बाद, डच और अंग्रेजों ने भी भारत में व्यापारिक गतिविधियों का विस्तार किया।


भारतीय नौसेना की वर्तमान स्थिति

भारतीय नौसेना आज दुनिया के चार सबसे शक्तिशाली देशों में से एक मानी जाती है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, लगभग 70% युद्धपोत अब भारत में निर्मित होते हैं। ग्लोबल फायरपावर 2026 की सूची में भारत चौथे स्थान पर है।


नौसेना की ताकत और आत्मनिर्भरता

भारतीय नौसेना 50 से अधिक जहाजों और पनडुब्बियों के निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कोलकाता के ग्रासेन शिपबिल्डर्स ने कई महत्वपूर्ण जहाजों का निर्माण किया है।


भारत की समुद्री ताकत का विस्तार

भारत ने निजी शिपयार्ड्स को भी युद्धपोत बनाने का अवसर दिया है। INS नीलगिरी के कमीशन के बाद से, भारत सैन्य महाशक्ति बन गया है।


पड़ोसी देशों पर प्रभाव

भारत की समुद्री ताकत के कारण पड़ोसी देशों में तनाव बना रहता है। भारत के पास बैलिस्टिक मिसाइलों से लैस जहाज और आधुनिक पनडुब्बियां हैं।


चीन और पाकिस्तान की चुनौती

चीन हिंद महासागर में अपनी उपस्थिति बढ़ा रहा है, जिससे भारत के लिए खतरा उत्पन्न हो रहा है। पाकिस्तान भी अपनी नौसेना को मजबूत कर रहा है।


भारत की आर्थिक सुरक्षा

भारत का 95% व्यापार समुद्री मार्ग से होता है, इसलिए समुद्री सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। खाड़ी देशों से आने वाले तेल और गैस की सुरक्षा भी भारत की अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक है।