भारत में LPG भंडारण बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार का निर्देश
LPG भंडारण में वृद्धि का आदेश
केंद्र सरकार ने राज्य की तेल कंपनियों को निर्देशित किया है कि वे लिक्विट पेट्रोलियम गैस (LPG) का भंडारण बढ़ाएं और हमेशा कम से कम 30 दिनों की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त स्टॉक बनाए रखें। यह निर्णय पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण लिया गया है, जिससे LPG की वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो रही है.
भारत का LPG आयात
भारत अपने LPG का 90 प्रतिशत, प्राकृतिक गैस का 65 प्रतिशत और कच्चे तेल का 40 प्रतिशत मुख्य रूप से खाड़ी देशों से आयात करता है। संघर्ष के कारण LPG के आयात में बाधाएं आई हैं, जिसके चलते सरकार को व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर कुछ प्रतिबंध लगाने पड़े हैं.
देश में स्टॉक की स्थिति
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि तेल विपणन कंपनियां, जैसे IOC, BPCL और HPCL, अब अतिरिक्त LPG भंडारण क्षमता विकसित करने की योजना बना रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल, LPG, कच्चा तेल और गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है.
रिफाइनरियों की उत्पादन क्षमता
रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं, और LPG का दैनिक उत्पादन अब 52,000 टन तक पहुंच गया है। कई स्थानों पर पेट्रोल और डीजल की बिक्री में अचानक वृद्धि देखी गई है। 150 से अधिक जिलों में पेट्रोल की बिक्री में 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है, जबकि कुछ जिलों में यह दोगुनी हो गई है.
डीजल की मांग में वृद्धि
डीजल की बिक्री भी कई जिलों में 30 से 100 प्रतिशत तक बढ़ी है, जो मुख्य रूप से कृषि सीजन के कारण है। इसके अलावा, लोग निजी पेट्रोल पंपों की बजाय सरकारी पंपों से अधिक ईंधन खरीद रहे हैं, क्योंकि वहां कीमतें सस्ती हैं.
LPG की स्थिति और सावधानी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि कहीं भी LPG की कमी नहीं है। राज्यों को चेतावनी दी गई है कि वे होर्डिंग और काला बाजारी को रोकने के लिए विशेष टीमें बनाएं। लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे घबराकर अधिक ईंधन न खरीदें और केवल अधिकृत स्थानों से ही खरीदारी करें.