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भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग की वृद्धि और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम

भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग तेजी से विकसित हो रहा है, जिसमें मोबाइल फोन से लेकर कंप्यूटर और टेलीकॉम तक की मांग बढ़ रही है। हालांकि, कुछ महत्वपूर्ण घटकों के लिए आयात पर निर्भरता बनी हुई है। सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ECMS) के तहत घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं बनाई हैं। इस योजना के तहत 106 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिससे उत्पादन और रोजगार में वृद्धि की उम्मीद है। जानें इस क्षेत्र में सरकार के प्रयासों और भविष्य की संभावनाओं के बारे में।
 

भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स की बढ़ती मांग

भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स की आवश्यकता और व्यापार में तेजी से वृद्धि हो रही है। मोबाइल फोन, कार, कंप्यूटर, टीवी, टेलीकॉम और डिजिटल सिस्टम जैसे क्षेत्रों में इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों और घटकों की मांग बढ़ी है। हालांकि, उत्पादन में वृद्धि के बावजूद, भारत अभी भी कुछ महत्वपूर्ण घटकों और सामग्रियों के लिए आयात पर निर्भर है। इनमें प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB), कैमरा और डिस्प्ले मॉड्यूल, कनेक्टर, कैपेसिटर, लिथियम-आयन सेल से जुड़े घटक और रेयर-अर्थ मैग्नेट शामिल हैं.


सरकार की पहल: इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम

सरकार इस निर्भरता को कम करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ECMS) के माध्यम से घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय ने अगस्त 2026 तक ECMS के तहत 31 नए प्रस्तावों को मंजूरी दी है, जिससे अब कुल मंजूर परियोजनाओं की संख्या 106 हो गई है.


भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में तेजी

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक दशक में भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2014-15 में इलेक्ट्रॉनिक्स का उत्पादन लगभग 1.9 लाख करोड़ रुपये था, जो 2025-26 में बढ़कर 13.11 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा। इसी तरह, निर्यात भी 2014-15 में 38,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में 4.24 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है.


इलेक्ट्रॉनिक्स पुर्जों के उत्पादन का लक्ष्य

सरकार का अगला लक्ष्य केवल इलेक्ट्रॉनिक्स को असेंबल करना नहीं है, बल्कि इसके आवश्यक पुर्जों और कच्चे माल का भी उत्पादन करना है। इससे आयात पर निर्भरता कम होगी और लाभ में वृद्धि होगी। इसके लिए ECMS को मजबूत किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स के आवश्यक पुर्जों का उत्पादन बढ़ाना है.


ECMS के तहत सरकार की योजनाएं

ECMS का उद्देश्य भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स के आवश्यक पुर्जों और कच्चे माल का निर्माण करना और आयात पर निर्भरता को कम करना है। यह योजना 8 अप्रैल 2025 को शुरू हुई थी, जिसमें प्रारंभिक बजट 22,919 करोड़ रुपये था, जिसे अब 2026-27 में बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये किया गया है. अगस्त 2026 तक 15 राज्यों में 106 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है.


निवेश और रोजगार की संभावनाएं

इन परियोजनाओं में 69,548 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, और 38 प्लांटों में उत्पादन शुरू हो चुका है। इन परियोजनाओं से लगभग 5.34 लाख करोड़ रुपये का उत्पादन और 3.25 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार की उम्मीद है.