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भारतीय रेलवे में खाने की गुणवत्ता पर उठे सवाल: IRCTC की कार्रवाई

भारतीय रेलवे में यात्रियों द्वारा भोजन की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें की जा रही हैं। IRCTC ने इस मुद्दे पर ध्यान देते हुए अपनी निगरानी प्रक्रिया को साझा किया है, जिसमें खाना बनाने से लेकर उसकी सेवा तक की जांच शामिल है। अधिकारी ने बताया कि AI तकनीक से लैस कैमरे किचन में सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। यात्रियों से फीडबैक लेकर विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। जानें पूरी जानकारी इस लेख में।
 

भारतीय रेलवे में खाने की गुणवत्ता पर यात्रियों की शिकायतें

भारतीय रेलवे में यात्रियों द्वारा खाने की गुणवत्ता को लेकर निरंतर शिकायतें आती रहती हैं। अक्सर ट्रेनों में मिलने वाले भोजन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते हैं, जिससे यह मुद्दा मीडिया में भी चर्चा का विषय बन जाता है। यात्रियों की शिकायतें विभिन्न पहलुओं से जुड़ी होती हैं, जैसे कि भोजन की सफाई, ताजगी, स्वाद, मात्रा, कीमत और कैटरिंग स्टाफ का व्यवहार।


खाने की गुणवत्ता पर रेलवे की जिम्मेदारी

यात्री चाहते हैं कि भारतीय रेलवे भले ही खाने के लिए अतिरिक्त शुल्क ले, लेकिन कम से कम गुणवत्ता में सुधार लाए। हालांकि, लगातार शिकायतों के बावजूद, ट्रेनों में भोजन परोसने वाले विक्रेता सुधार नहीं कर रहे हैं। भारतीय ट्रेनों में खाद्य सामग्री का टेंडर प्राप्त करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ सबूत मिलने पर कार्रवाई की जाती है।


IRCTC से बातचीत

भारतीय रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IRCTC) ट्रेनों में भोजन की आपूर्ति का कार्य करता है। समय-समय पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर, IRCTC विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई करता है और खाद्य सामग्री की निगरानी भी करता है। हाल ही में, वंदे भारत और प्रीमियम ट्रेनों में भोजन की गुणवत्ता पर IRCTC के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी साझा की।


IRCTC की निगरानी प्रक्रिया

IRCTC के अधिकारी ने बताया कि वे ट्रेनों में भोजन की गुणवत्ता की कई स्तरों पर निगरानी करते हैं। यह प्रक्रिया भोजन के निर्माण से लेकर उसकी सेवा तक होती है। खाना बनाते समय, IRCTC का निरीक्षक भोजन के नमूनों की जांच करता है।


अधिकारी ने कहा, 'खाना बनाते समय हमारे पास FSS होता है जो भोजन की जांच करता है। हम नमूनों की जांच कराते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि खाना हाइजीनिक है। किचन में सफाई का ध्यान रखा जा रहा है या नहीं, इसकी रिपोर्ट भी ली जाती है।'


AI तकनीक से लैस निगरानी

अधिकारी ने बताया कि किचन में IRCTC के सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। यदि कोई व्यक्ति बिना एप्रन के किचन में प्रवेश करता है, तो वह कैमरे में कैद हो जाता है। इस प्रकार की अनियमितताओं पर भारी जुर्माना लगाया जाता है।


भोजन की आपूर्ति की प्रक्रिया

अधिकारी ने बताया कि भोजन की गुणवत्ता की जांच खाना बनने के समय और उसकी सेवा से पहले की जाती है। खाना बनने के बाद उसे ठंडा किया जाता है, फिर पैक किया जाता है और गाड़ियों के माध्यम से स्टेशन पर पहुंचाया जाता है। ट्रेन में भोजन पहुंचने से पहले कई स्तरों पर इसकी जांच की जाती है।


जब भोजन ट्रेन में चढ़ता है, तो उसे फिर से गर्म किया जाता है और इस समय उसकी गुणवत्ता की फिर से जांच की जाती है। ऑन-बोर्ड स्टाफ यह सुनिश्चित करता है कि भोजन सही है, तभी यात्रियों को परोसा जाता है।


यात्रियों से फीडबैक

अधिकारी ने कहा कि यदि इस प्रक्रिया में कोई समस्या आती है, तो उसे तुरंत नियंत्रित करने का प्रयास किया जाता है ताकि वह यात्रियों तक न पहुंचे। ट्रेन में स्टाफ यात्रियों से फीडबैक लेता है कि भोजन कैसा था और कोई कमी तो नहीं थी। इस प्रकार, हमें अक्सर भोजन की गुणवत्ता के बारे में रिपोर्ट मिलती है।


उन्होंने कहा कि जिन विक्रेताओं के खिलाफ शिकायतें आती हैं, उन पर भारी जुर्माना लगाया जाता है और उनका लाइसेंस रद्द किया जाता है। किचन में बड़े पैमाने पर भोजन तैयार किया जाता है, और हमें हर चीज की मात्रा संतुलित रखनी होती है।