महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में सौरभ चंद्राकर का प्रत्यर्पण
महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग में बड़ी सफलता
जांच एजेंसियों को महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाया गया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की संयुक्त कार्रवाई और इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया।
भारत में लाने की प्रक्रिया
ओमान में गिरफ्तारी के बाद, CBI की विशेष टीम ने उसे 1 नवंबर की शाम को भारत पहुंचाया। यहां पहुंचने पर उसका मेडिकल परीक्षण किया गया। इसके बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर ले जाया जाएगा, जहां उसे CBI की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।
सौरभ की गिरफ्तारी का इतिहास
सौरभ चंद्राकर 2023 से फरार था, और हाल ही में ED ने उसकी लोकेशन का पता लगाया। इसके बाद भारत सरकार ने ओमान के अधिकारियों के साथ मिलकर प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को पूरा किया। यह मामला लगभग 6,000 करोड़ रुपये की अवैध सट्टेबाजी से संबंधित है। CBI इस मामले की जांच छत्तीसगढ़ सरकार की सिफारिश पर कर रही है। अब तक भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, भारतीय दंड संहिता और छत्तीसगढ़ गैम्बलिंग (प्रोहिबिशन) एक्ट के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।
महादेव ऐप का उदय
महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप की स्थापना 2019 में छत्तीसगढ़ के भिलाई में सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने की थी। सौरभ, जो पहले एक जूस की दुकान चलाता था, ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के माध्यम से अवैध धन कमाना शुरू किया। इसका संचालन दुबई से किया जाने लगा, और इस सिंडिकेट का कारोबार हजारों करोड़ रुपये का था। अवैध कमाई को सैकड़ों फर्जी बैंक खातों में घुमाकर हवाला के जरिए विदेश भेजा जाता था।
मामले का खुलासा
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब 2023 में दुबई में सौरभ चंद्राकर की शादी में करोड़ों रुपये खर्च किए गए। इस समारोह में कई बॉलीवुड सितारे, गायक और कॉमेडियन शामिल हुए थे। मेहमानों को प्राइवेट जेट से लाया गया था, जिसके बाद कई लोग ED के रडार पर आए। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर भी इस मामले में लेन-देन के आरोप लगे।
सरकार की कार्रवाई
2023 में, केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस ऐप और इसकी वेबसाइटों को आईटी एक्ट के तहत ब्लॉक कर दिया। इसके बावजूद, यह नेटवर्क नए डोमेन के माध्यम से सक्रिय रहा। ED और अन्य जांच एजेंसियों ने अब तक हजारों करोड़ रुपये की संपत्तियां और बैंक खाते अटैच किए हैं। CBI ने इस मामले में 13 FIR दर्ज की हैं।
आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई
ED ने 100 से अधिक आरोपियों के खिलाफ 8 चार्जशीट दाखिल की हैं, जिसमें प्रमोटर, हवाला कारोबारी और कई सरकारी अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा, अभिनेता साहिल खान और अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। ED की जांच के दौरान देश और विदेश में भारी संपत्तियां जब्त की गई हैं, जिसमें दुबई के बुर्ज खलीफा की लगभग 1,700 करोड़ रुपये की संपत्ति शामिल है।