महेश दीक्षित बने इंटेलिजेंस ब्यूरो के नए प्रमुख, सुरक्षा में लाएंगे नई दिशा
महेश दीक्षित की नई जिम्मेदारी
केंद्र सरकार ने महेश दीक्षित को इंटेलिजेंस ब्यूरो का नया प्रमुख नियुक्त किया है। वह 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और तेलंगाना कैडर से संबंधित हैं। अब वह देश की प्रमुख आंतरिक खुफिया एजेंसी की कमान संभालेंगे। उनकी नियुक्ति को लेकर कई लोग चौंक गए हैं।
तपन डेका का स्थान
महेश दीक्षित, तपन कुमार डेका की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल 30 जून को समाप्त हो रहा है। डेका को 2022 में आईबी प्रमुख बनाया गया था और उनके कार्यकाल में दो बार विस्तार हुआ। महेश दीक्षित की नियुक्ति कैबिनेट की नियुक्ति समिति द्वारा स्वीकृत की गई है, और वह दो साल तक इस पद पर रहेंगे। इससे पहले, वह इंटेलिजेंस ब्यूरो में स्पेशल डायरेक्टर के रूप में कार्यरत थे।
अनुभव और विशेषज्ञता
महेश दीक्षित को सुरक्षा और खुफिया तंत्र में व्यापक अनुभव प्राप्त है। उन्होंने अपने करियर का अधिकांश समय इंटेलिजेंस ब्यूरो में बिताया है। वह राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद रोधी अभियानों और संवेदनशील खुफिया कार्यों में शामिल रहे हैं।
डॉक्टर से आईपीएस अधिकारी
महेश दीक्षित ने पहले एक डॉक्टर के रूप में करियर शुरू किया था। सरकारी रिकॉर्ड में उनका नाम डॉ. महेश दीक्षित है। उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा पास कर आईपीएस अधिकारी बनने का सफर तय किया।
जम्मू-कश्मीर में महत्वपूर्ण भूमिका
महेश दीक्षित ने जम्मू-कश्मीर में भी महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। अनुच्छेद 370 के हटने के बाद उन्होंने खुफिया जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। इस दौरान कानून व्यवस्था और सुरक्षा आकलन में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही।
आतंकवाद रोधी अनुभव
महेश दीक्षित को आतंकवाद रोधी मामलों में भी अनुभव है। उन्होंने आंतरिक सुरक्षा और संवेदनशील ऑपरेशनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
महत्वपूर्ण नियुक्ति
इंटेलिजेंस ब्यूरो भारत की घरेलू खुफिया एजेंसी है, जो सुरक्षा, आतंकवाद, कट्टरपंथ और संवेदनशील गतिविधियों से संबंधित मामलों पर काम करती है। आईबी प्रमुख का पद देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। महेश दीक्षित की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब आतंकवाद, साइबर खतरे और गलत सूचनाओं का सामना करना आवश्यक है।