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येस बैंक लोन घोटाले में ED की छापेमारी, 17 स्थानों पर कार्रवाई

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने येस बैंक से जुड़े लोन घोटाले की जांच के तहत महाराष्ट्र और दिल्ली में 17 स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई तीन निजी कंपनियों और उनके प्रमोटर्स से संबंधित है। जांच में फर्जी लोन असाइनमेंट और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप सामने आए हैं। ED का कहना है कि यह कार्रवाई सबूत इकट्ठा करने के लिए की गई है। आगे की जांच में और खुलासे होने की संभावना है।
 

प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को येस बैंक से जुड़े लोन घोटाले की जांच के तहत महाराष्ट्र और दिल्ली में 17 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई तीन निजी कंपनियों, उनके प्रमोटर्स, निदेशकों, कर्मचारियों और एक पूर्व येस बैंक कर्मचारी से संबंधित परिसरों पर की गई है। जांच का कार्य अभी भी जारी है। छापेमारी मुंबई, खंडाला और दिल्ली में की गई। जिन संस्थानों पर कार्रवाई की गई है उनमें सुरक्षा एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (SARCL), सुरक्षा रियल्टी लिमिटेड और ख्याति रियलटर्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।


फर्जी लोन असाइनमेंट का मामला

यह कार्रवाई येस बैंक के फर्जी लोन असाइनमेंट से संबंधित मामले में की जा रही है। आरोप है कि मैकस्टार मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड और अन्य कंपनियों के लोन को वित्तीय वर्ष 2016-17 और 2017-18 के दौरान गलत तरीके से ट्रांसफर किया गया।


मनी लॉन्ड्रिंग और सर्कुलर ट्रांजैक्शन के आरोप

सर्कुलर ट्रांजैक्शन और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप


ED का मुंबई जोनल ऑफिस-1 इस मामले की जांच कर रहा है। एजेंसी का कहना है कि छापेमारी का उद्देश्य मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े सबूत इकट्ठा करना है। जांच में यह भी सामने आया है कि एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों (ARCs) और येस बैंक के बीच मिलीभगत कर स्ट्रेस्ड एसेट्स को गलत तरीके से हासिल किया गया। आरोप यह भी है कि नीलामी प्रक्रिया में संपत्तियों का गलत मूल्यांकन किया गया, फर्जी दावे पेश किए गए और NCLT की कार्यवाही में पारदर्शिता को प्रभावित किया गया।


आगे की कार्रवाई

फिलहाल इस मामले में संबंधित कंपनियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। ED का कहना है कि जांच अभी भी जारी है और आने वाले दिनों में इस कथित बैंक घोटाले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।