सफदरजंग अस्पताल में ब्रांडेड दवाओं की बिक्री पर सवाल उठे
सफदरजंग अस्पताल का महत्व
सफदरजंग अस्पताल, एम्स के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है, जहां प्रतिदिन हजारों मरीज अपनी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए ओपीडी में आते हैं। मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल परिसर में 'प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र' (PBJAK) स्थापित किया गया है, जहां उन्हें जेनेरिक दवाएं सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई जाती हैं। इस केंद्र के बाहर बड़े अक्षरों में '80 से 50 फीसदी की छूट' का उल्लेख है, जो दर्शाता है कि सरकार मरीजों को किफायती दवाएं मुहैया कराती है।
ब्रांडेड दवाओं की बिक्री
हालांकि, सफदरजंग अस्पताल के प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर ब्रांडेड दवाओं की बिक्री हो रही है, जो कि सरकार की नीति के खिलाफ है। एक रिपोर्ट के अनुसार, मरीजों को यहां ब्रांडेड दवाएं महंगे दामों पर बेची जा रही हैं, जबकि उन्हें जेनेरिक दवाएं सस्ती दरों पर मिलनी चाहिए।
मरीजों की अनभिज्ञता
सफदरजंग अस्पताल में चार मरीजों से बातचीत के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि वे ब्रांडेड दवाओं की उच्च कीमतों से अनजान थे। एक मरीज, सुभाष शाह, ने बताया कि उन्होंने Unitas हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड की Valsatas-S-50MG टैबलेट 198 रुपये में खरीदी, जबकि इसकी वास्तविक कीमत 609.38 रुपये थी।
दूसरे मरीजों की स्थिति
इसी तरह, सृष्टि भारती ने Avicenna लाइफ साइंसेज की Cinocal Plus टैबलेट के लिए 500 रुपये का भुगतान किया, जबकि इसकी कुल कीमत 644 रुपये थी। मोहम्मद शहादत को भी ब्रांडेड दवा के लिए 420 रुपये का भुगतान करना पड़ा।
अस्पताल की चुप्पी
जब इस मामले पर सफदरजंग अस्पताल के जनसंपर्क अधिकारी से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। अस्पताल प्रशासन ने भी इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है।
प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना का उद्देश्य
प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना का उद्देश्य देश के नागरिकों को उच्च गुणवत्ता की जेनेरिक दवाएं सस्ती दरों पर उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत, 19,000 से अधिक जनऔषधि केंद्र देशभर में कार्यरत हैं।