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सुप्रीम कोर्ट ने CMRL मामले में पिनराई विजयन के खिलाफ FIR की जांच पर रोक लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने CMRL-एक्सालॉजिक मामले में केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और उनके सहयोगियों के खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार की FIR की जांच पर अस्थायी रोक लगा दी है। कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को निर्देश दिया है कि वह अपनी वैधानिक सीमाओं का पालन करे। इस मामले में कई कानूनी सवाल उठाए गए हैं, जिसमें FIR दर्ज करने की अनिवार्यता और पूर्व अनुमति की आवश्यकता शामिल है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और कोर्ट के निर्णय के पीछे के तर्क।
 

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय

बुधवार को, सुप्रीम कोर्ट ने CMRL-एक्सालॉजिक मामले में केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और उनके सहयोगियों के खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार की FIR की जांच पर अस्थायी रोक लगा दी। यह FIR केरल की विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो द्वारा दर्ज की गई थी। कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को निर्देश दिया कि वह अपनी वैधानिक सीमाओं का पालन करे और अन्य जांच एजेंसियों के कार्यक्षेत्र में हस्तक्षेप न करे।


कोर्ट की सुनवाई

जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने विजयन और अन्य आरोपियों की याचिकाओं पर सुनवाई की। इन याचिकाओं में केरल हाईकोर्ट के एकल जज के उस आदेश को चुनौती दी गई, जिसमें ED की सूचना के आधार पर FIR दर्ज करने का निर्देश दिया गया था। जस्टिस बागची ने कहा कि FIR बनी रहेगी, लेकिन हाईकोर्ट के निर्णय तक कोई जांच नहीं होगी। आरोपियों को यह अंतरिम सुरक्षा सात दिनों के लिए प्रदान की गई है.


ED की स्थिति

सुनवाई के दौरान, ED की ओर से वकील जोएब हुसैन ने हाईकोर्ट के आदेश का समर्थन किया। उन्होंने तर्क दिया कि ED की सूचना में संज्ञेय अपराध का मामला सामने आता है, इसलिए FIR दर्ज करना आवश्यक था। जस्टिस बागची ने कहा कि ED को हवाला लेनदेन की जांच करने का अधिकार है और वह PMLA के तहत किसी पूर्व मुख्यमंत्री की भी जांच कर सकती है।


कानूनी सवाल

कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि क्या PMLA की धारा 66(2) के तहत ED की सूचना मिलने पर राज्य पुलिस के लिए FIR दर्ज करना अनिवार्य है। जस्टिस बागची ने कहा कि यह देखना होगा कि क्या FIR दर्ज करना आवश्यक है या पुलिस पहले सूचना की जांच कर सकती है। उन्होंने यह भी पूछा कि भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 17A के तहत पूर्व अनुमति के बिना किसी पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ जांच कैसे आगे बढ़ सकती है।


CMRL केस का विवरण

CMRL मामला कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) द्वारा एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को किए गए भुगतान से संबंधित है। एक्सालॉजिक कंपनी पिनराई विजयन की बेटी वीणा टी की है। ED ने PMLA की धारा 66(2) के तहत केरल पुलिस को सूचना दी थी। केरल हाईकोर्ट के एकल जज ने 9 अक्टूबर को के एम शाहजहां की याचिका मंजूर की थी, जिसके बाद विजिलेंस ब्यूरो को FIR दर्ज करने का निर्देश दिया गया था।