EPFO ने शुरू की नई 'विश्वास 2026' योजना, विवादों का समाधान होगा आसान
EPFO VISHWAS 2026: विवाद समाधान की नई पहल
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने 'विश्वास 2026' योजना का उद्घाटन किया है, जिसका उद्देश्य क्षतिपूर्ति और जुर्माने से संबंधित विवादों का समाधान करना है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अनुसार, यह योजना एक बार की विवाद समाधान प्रक्रिया है, जो नियोक्ताओं को लंबित मामलों को पारदर्शी और डिजिटल तरीके से निपटाने का अवसर प्रदान करती है।
विश्वास 2026 योजना का उद्देश्य
यह योजना उन मामलों के लिए बनाई गई है, जहां कंपनियों ने कर्मचारियों का पीएफ समय पर जमा नहीं किया या भुगतान में देरी की है। इस योजना के तहत लंबे समय से चल रहे विवादों का समाधान किया जाएगा।
किसे मिलेगा लाभ?
इस योजना का लाभ केवल उन नियोक्ताओं को मिलेगा जो EPFO की निर्धारित शर्तों को पूरा करते हैं। पात्र मामलों के लिए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, जिससे जिन कंपनियों के पीएफ से जुड़े पुराने विवाद लंबित हैं, उनके लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर हो सकता है।
विवाद समाधान की प्रक्रिया
यह विवाद समाधान प्रक्रिया अधिसूचना जारी होने के बाद अगले छह महीने तक चलेगी। मंत्रालय ने बताया कि यह योजना स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देने, कानूनी पचड़ों को कम करने और लंबित विवादों को तेजी से निपटाने के लिए बनाई गई है। इसमें कर्मचारियों के हितों की पूरी सुरक्षा की जाएगी।
पेनल्टी में राहत
EPFO ने 14 जून 2024 से पहले के लंबित मामलों के लिए रियायती डैमेज का प्रावधान किया है।
- 2 महीने तक की देरी पर 0.25% प्रति माह पेनल्टी
- 2 से 4 महीने की देरी पर 0.50% प्रति माह पेनल्टी
- 4 महीने से ज्यादा की देरी पर 1% प्रति माह पेनल्टी
डेडिकेटेड विश्वास सेल्स
विश्वास 2026 के तहत, डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट या ई-साइन का उपयोग करके EPFO एंप्लॉयर पोर्टल पर आवेदन किया जा सकता है। प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए, EPFO ने अपने सभी जोनल, क्षेत्रीय और जिला कार्यालयों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कर्मचारियों की सहायता के लिए सभी फील्ड कार्यालयों में डेडिकेटेड विश्वास सेल्स स्थापित किए जा रहे हैं।
चार श्रेणियों के मामले शामिल
इस योजना में चार प्रमुख श्रेणियों के मामले शामिल हैं:
- जिनमें जुर्माने/क्षतिपूर्ति के आदेशों को न्यायिक मंच पर चुनौती दी गई हो।
- अंतिम क्षतिपूर्ति/जुर्माने के आदेश जहां वसूली लंबित है।
- जिनमें नोटिस जारी किए गए हैं, लेकिन अंतिम आदेश अभी पारित नहीं हुए हैं।
- जिनमें जुर्माने/क्षतिपूर्ति के नोटिस अभी जारी नहीं किए गए हैं।