GJU हिसार में दिग्विजय चौटाला के खिलाफ मामला दर्ज, पुलिस स्टेशन में किया सरेंडर
दिग्विजय चौटाला की गिरफ्तारी का मामला
गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU), हिसार में एक छात्र संवाद कार्यक्रम के दौरान हुई झड़प के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इस घटना के बाद जननायक जनता पार्टी (JJP) के युवा विंग के अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला और अन्य पार्टी सदस्यों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज किया गया है।
घटना का विवरण
यह विवाद एक निर्धारित छात्र संवाद कार्यक्रम के दौरान उत्पन्न हुआ। रिपोर्टों के अनुसार, छात्रों को इस इवेंट में भाग लेने से रोका गया, जिसके कारण विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। वाइस चांसलर के कार्यालय के बाहर प्रदर्शनकारियों की भीड़ जमा हो गई, जिससे स्थिति अराजक हो गई।
प्रदर्शनकारियों ने लगभग एक घंटे तक हंगामा किया और पुलिस के साथ झड़प की। वाइस चांसलर के कार्यालय का मुख्य गेट तोड़ने का प्रयास किया गया, और कुछ संपत्ति को नुकसान पहुंचा, जिसमें टूटे हुए गमले भी शामिल थे।
पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद, पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया। इस बीच, दिग्विजय चौटाला स्वयं सिटी पुलिस स्टेशन पहुंचे और मामले में सरेंडर करने की पेशकश की।
दिग्विजय चौटाला का बयान
चौटाला ने कहा कि उन्होंने छात्र संवाद कार्यक्रम के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन से अनुमति मांगी थी, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इस कारण, इवेंट को कैंपस के बाहर स्थानांतरित करना पड़ा।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब छात्रों को इवेंट में शामिल होने से रोका गया, तो वह छात्रों के एक समूह के साथ विश्वविद्यालय परिसर में घुस गए और वाइस चांसलर के कार्यालय के पास विरोध प्रदर्शन किया।
चौटाला ने कहा कि जब तक प्रशासन छात्रों की चिंताओं का समाधान नहीं करता, तब तक विरोध जारी रहेगा।
यूनिवर्सिटी प्रशासन की प्रतिक्रिया
यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने तोड़फोड़ की निंदा की और इसे 'दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य' बताया। वाइस चांसलर नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने ऐसे ही इवेंट्स के दौरान हुए नुकसान की पिछली घटनाओं को भी उजागर किया।
राजनीतिक दृष्टिकोण
पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने राज्य सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध से कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि कुछ इवेंट्स के लिए अनुमति क्यों दी जाती है, जबकि छात्र कार्यक्रमों के लिए मना कर दिया जाता है।
दुष्यंत ने पुलिस की कार्रवाई की भी आलोचना की और मामूली नुकसान के लिए प्रक्रिया में चूक और अधिक बल के इस्तेमाल का आरोप लगाया।
JJP से जुड़े छात्र समूह INSO ने 27 अप्रैल को GJU में नए विरोध का ऐलान किया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मामला अभी समाप्त नहीं हुआ है।
GJU की स्थिति अब एक राजनीतिक मुद्दा बन गई है, जिसमें छात्र अधिकार, प्रशासन का निर्णय और कानून प्रवर्तन सभी जांच के दायरे में हैं।