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Holi 2026: हवाई सफर के किराए में बेतहाशा वृद्धि, जानें क्यों?

Holi 2026 के अवसर पर हवाई यात्रा के किराए में अभूतपूर्व वृद्धि देखी जा रही है। 28 फरवरी को कई रूटों पर किराया सामान्य से 185% तक बढ़ गया है, जबकि मार्च के अंत में यह काफी सस्ता हो जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर चिंता जताई है और सरकार को हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। जानें किन रूटों पर किराए में सबसे ज्यादा वृद्धि हुई है और इसके पीछे के कारण क्या हैं।
 

Holi 2026: महंगा हो गया हवाई सफर


Holi 2026: जैसे-जैसे होली का त्योहार नजदीक आ रहा है, घर लौटने वाले यात्रियों के लिए हवाई यात्रा की लागत में भारी वृद्धि हो गई है। इस वर्ष होली 4 मार्च 2026 को मनाई जाएगी, जिससे फरवरी के अंत में उड़ानों की मांग में तेजी आई है। ट्रेनें पूरी तरह से भरी हुई हैं और कई ट्रेनों में आरक्षण भी बंद हो चुका है, जिसके कारण लोग मजबूरन हवाई यात्रा का विकल्प चुन रहे हैं।


किराए में अभूतपूर्व वृद्धि

होली से पहले के वीकेंड (जैसे 28 फरवरी) पर कई मार्गों पर हवाई किराया सामान्य से 185% तक बढ़ गया है। एक महीने बाद, मार्च के अंत में वही सीटें काफी सस्ती हो जाती हैं। कुछ मामलों में, एक तरफा टिकट की कीमत 20,000 रुपये के करीब पहुंच गई है।


किराए में वृद्धि वाले प्रमुख रूट


  • बेंगलुरु से गोरखपुर का किराया 28 फरवरी को लगभग 19,589 रुपये (टैक्स सहित) है, जो मार्च के अंत में घटकर लगभग 7,000 रुपये रह जाता है।

  • नई दिल्ली से पटना का किराया होली के पीक पर 11,000 रुपये से अधिक है, जबकि बाद में यह 4,500 रुपये के करीब हो जाता है।

  • नई दिल्ली से गया या दरभंगा जैसे रूटों पर भी 150-160% की वृद्धि देखी गई है।


कोलकाता और बिहार के कई शहरों के रूट पर भी यही स्थिति है, जहां किराया दोगुना से अधिक हो गया है।


किराए में वृद्धि का कारण

एयरलाइंस डायनामिक प्राइसिंग का उपयोग करती हैं। जैसे-जैसे मांग बढ़ती है और सीटें तेजी से भरती हैं, किराया भी उसी अनुपात में बढ़ता है। होली के दौरान दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों से यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल के छोटे शहरों में लाखों लोग यात्रा करते हैं। सीमित उड़ानों वाले मार्गों पर दबाव और बढ़ जाता है।


सुप्रीम कोर्ट की चिंता

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को त्योहारों के दौरान हवाई किराए में इस तेज वृद्धि को गंभीर मुद्दा बताया। जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की बेंच ने सरकार को चार हफ्ते में हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया।


कोर्ट ने कहा कि निजी एयरलाइंस की अनियमित कीमतें चिंता का विषय हैं। अगली सुनवाई 23 मार्च को होगी, लेकिन तब तक यात्रियों को कोई राहत नहीं मिलेगी।