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I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन पर ED की बड़ी कार्रवाई: मनी लॉन्ड्रिंग की जांच में छापेमारी

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने I-PAC के निदेशक प्रतीक जैन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में कोलकाता में छापेमारी की। यह कार्रवाई I-PAC के कार्यालय और जैन के आवास सहित कई स्थानों पर की गई। जानें इस मामले में क्या हुआ और आगे की जांच में क्या संभावनाएं हैं।
 

कोलकाता में ED की छापेमारी


कोलकाता: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित एक मामले में राजनीतिक परामर्श फर्म I-PAC के निदेशक प्रतीक जैन के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। गुरुवार की सुबह, ED ने कोलकाता सहित विभिन्न स्थानों पर एक साथ छापेमारी की, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई।


छापेमारी के स्थान

यह कार्रवाई I-PAC के कार्यालय और प्रतीक जैन के निवास सहित चार से पांच स्थानों पर की गई है। जानकारी के अनुसार, यह छापेमारी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के संदर्भ में की जा रही है। I-PAC की स्थापना चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने की थी।


सॉल्ट लेक में तलाशी

ED ने कोलकाता के सॉल्ट लेक क्षेत्र में I-PAC के कार्यालय और प्रतीक जैन के घर पर तलाशी अभियान चलाया। सूत्रों के अनुसार, प्रतीक जैन एक इमारत की तीसरी मंजिल पर निवास करते हैं, जहां जांच एजेंसी दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।


दिल्ली से आई टीम की कार्रवाई

ED के सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली जोन के अधिकारी बुधवार रात कोलकाता पहुंचे थे। इसके बाद, गुरुवार सुबह उन्होंने शहर में तीन अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। प्रतीक जैन के आवास और I-PAC के कार्यालय के अलावा, पोस्टा क्षेत्र में एक व्यवसायी के घर पर भी तलाशी ली जा रही है।


I-PAC का राजनीतिक इतिहास

प्रशांत किशोर ने 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले I-PAC की स्थापना की थी। 2019 के लोकसभा चुनावों के बाद, यह फर्म तृणमूल कांग्रेस और पश्चिम बंगाल सरकार के साथ काम कर रही है। हालांकि, प्रशांत किशोर अब सक्रिय राजनीति में शामिल हो चुके हैं।


I-PAC ने 2021 के विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की बड़ी जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके अलावा, 2024 के लोकसभा चुनावों में भी पार्टी की रणनीति में इस फर्म की भूमिका को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


जांच की प्रगति

फिलहाल, ED की कार्रवाई जारी है और जांच एजेंसी संबंधित स्थानों से दस्तावेजों और अन्य महत्वपूर्ण सबूतों की खोज कर रही है। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में इस छापेमारी से जुड़े और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।