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IIT बॉम्बे छात्र की आत्महत्या: प्रोफेसर से 8 घंटे की पूछताछ, जातिगत भेदभाव के आरोप

IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के मामले में जांच तेज हो गई है। प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला से 8 घंटे तक पूछताछ की गई, जिसमें साहिल की मौत से पहले की घटनाओं पर सवाल उठाए गए। परिवार ने प्रोफेसर पर जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया है, जिसके बाद पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया। छात्रों ने मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है। जानें इस मामले में और क्या हो रहा है और जांच का दायरा क्या है।
 

मुंबई में IIT छात्र की आत्महत्या की जांच में तेजी

मुंबई। IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के मामले में जांच की गति बढ़ गई है। मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला से लगभग 8 घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान पुलिस ने साहिल की मौत से पहले की घटनाओं, परीक्षा के दौरान की गई कार्रवाई और छात्र के साथ उनके संपर्क के बारे में सवाल किए।

ज्ञात हो कि 18 सितंबर 2026 को IIT बॉम्बे के पवई कैंपस में बीटेक के दूसरे वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे को उसके हॉस्टल के कमरे में मृत पाया गया था। उसकी मौत से कुछ घंटे पहले, उसे एक सेमेस्टर परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग करने के आरोप में परीक्षा हॉल से बाहर किया गया था। वर्तमान में, पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की समयरेखा और उसके बाद की घटनाओं की जांच कर रही है।

परिवार ने जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया

मृतक छात्र के परिवार ने प्रोफेसर डूला पर जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न का आरोप लगाया है। परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों के तहत मामला दर्ज किया है। हालांकि, प्रोफेसर डूला ने पूछताछ के दौरान इन आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि उन्होंने संस्थान के नियमों का पालन किया। जांच एजेंसी अब डूला के बयान को अन्य गवाहों के बयानों, CCTV फुटेज और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के साथ मिलाकर देख रही है। पुलिस परीक्षा के दौरान साहिल द्वारा कथित तौर पर ChatGPT के उपयोग के आरोप की भी गहनता से जांच कर रही है।

IIT बॉम्बे प्रशासन भी जांच के दायरे में

IIT बॉम्बे में साहिल की मौत के बाद छात्रों ने प्रदर्शन किया और मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की। छात्रों ने प्रोफेसर डूला के निलंबन और संस्थान की आंतरिक जांच प्रक्रिया में सुधार की भी मांग की है। क्राइम ब्रांच की जांच का मुख्य ध्यान इस बात पर है कि परीक्षा हॉल में साहिल के साथ क्या हुआ, उसके बाद की कार्रवाई और किन परिस्थितियों में यह मामला गंभीर हुआ। रिपोर्टों के अनुसार, IIT बॉम्बे के निदेशक शिरीष केदारे को भी बयान देने के लिए बुलाया जा सकता है।

सूत्रों के अनुसार, जांच अभी भी जारी है और साहिल की मौत के पीछे की सभी परिस्थितियों पर पुलिस का अंतिम निष्कर्ष अभी तक सामने नहीं आया है।