IIT बॉम्बे में छात्र की मौत: प्रोफेसर डूला पर लगे आरोपों का खंडन
नई दिल्ली में IIT बॉम्बे की घटना पर नया मोड़
नई दिल्ली: IIT बॉम्बे में B.Tech द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे की मृत्यु के मामले में एक नया घटनाक्रम सामने आया है। संस्थान के फैकल्टी फोरम के अध्यक्ष, प्रोफेसर राजकुमार पंत ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में उठाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।
SC/ST सेल के पास कोई शिकायत नहीं
प्रोफेसर पंत ने बताया कि संस्थान के SC/ST सेल के पास ऐसा कोई दस्तावेज नहीं है, जो यह दर्शाता हो कि साहिल ने अपनी मृत्यु से पहले किसी समस्या के समाधान के लिए सेल से संपर्क किया था। उन्होंने कहा कि छात्र की मृत्यु के बाद SC/ST सेल ने एक आधिकारिक नोटिस जारी किया था, जिसमें यह स्पष्ट किया गया था कि साहिल ने पिछले तीन से चार महीनों में सेल से संपर्क करने का प्रयास नहीं किया।
उन्होंने यह भी कहा कि दिवंगत छात्र ने न तो कोई औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी और न ही किसी अनौपचारिक तरीके से मदद मांगी थी। उनके अनुसार, साहिल ने किसी भी विषय पर सेल से संपर्क करने की आवश्यकता नहीं समझी।
प्रोफेसर डूला का समर्थन
प्रोफेसर पंत ने प्रोफेसर डूला पर लगे आरोपों का बचाव करते हुए कहा कि शिक्षकों की भूमिका संस्थान द्वारा निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार होती है, और प्रोफेसर डूला ने अपने कर्तव्यों का पालन किया है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रोफेसर डूला पहले स्टूडेंट अफेयर्स के डीन रह चुके हैं, जहां वे छात्रों की सहायता के लिए जाने जाते थे। इस संदर्भ में उन पर लगाए गए आरोपों पर पंत ने आश्चर्य व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि कई बार परिस्थितियाँ ऐसी होती हैं जब फैकल्टी सदस्यों को नियमों का पालन करना पड़ता है, और प्रोफेसर डूला ने भी इसी प्रक्रिया का पालन किया। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से विश्वास व्यक्त किया कि प्रोफेसर डूला ऐसे व्यक्ति नहीं हैं जो जानबूझकर किसी छात्र को नुकसान पहुँचाएँगे।
छात्रों का विरोध जारी
यह ध्यान देने योग्य है कि प्रोफेसर पंत का यह बयान उस समय आया है जब साहिल की मृत्यु के बाद कैंपस में छात्रों का प्रोफेसर डूला के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है। छात्र इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।