IndiGo पर DGCA का 22.2 करोड़ रुपये का जुर्माना: CEO को मिली चेतावनी
नई दिल्ली में बड़ा फैसला
नई दिल्ली : डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने दिसंबर में उड़ानों के बड़े पैमाने पर रद्द होने और देरी के मामलों के लिए प्रमुख एयरलाइन IndiGo पर 22.2 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही, एयरलाइन के CEO पीटर एल्बर्स को एक औपचारिक चेतावनी भी दी गई है। एविएशन रेगुलेटर ने IndiGo के एक वरिष्ठ अधिकारी को मौजूदा ऑपरेशनल जिम्मेदारियों से हटाने का निर्देश भी दिया है। DGCA ने शनिवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी साझा की।
जांच में सामने आईं गंभीर खामियां
जांच के बाद की गई कार्रवाई
यह कार्रवाई उस जांच के परिणामस्वरूप की गई है, जिसके लिए DGCA ने दिसंबर की शुरुआत में चार सदस्यीय समिति का गठन किया था। 3 से 5 दिसंबर के बीच IndiGo की सेवाओं में गंभीर अव्यवस्था देखी गई थी। जांच में पाया गया कि इस अवधि में IndiGo की कुल 2,507 उड़ानें रद्द हुईं और 1,852 उड़ानों में लंबी देरी हुई, जिससे हजारों यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
ऑपरेशनल प्रबंधन पर उठे सवाल
संरचनात्मक कमियां जिम्मेदार
जांच समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस संकट के पीछे कई संरचनात्मक और प्रबंधन संबंधी कमियां थीं। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि IndiGo ने अपने ऑपरेशंस का अत्यधिक 'ओवर-ऑप्टिमाइजेशन' किया था, जिससे आपात स्थितियों का सामना करने की क्षमता कमजोर हो गई। इसके अलावा, रेगुलेटरी तैयारियों में कमी, सॉफ्टवेयर और सिस्टम सपोर्ट में खामियां, और कमजोर प्रबंधन संरचना भी प्रमुख कारण रहे।
वरिष्ठ अधिकारी को हटाने का निर्देश
DGCA का सख्त कदम
DGCA ने IndiGo को निर्देश दिया है कि ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट को तुरंत प्रभाव से उनकी वर्तमान जिम्मेदारियों से मुक्त किया जाए। रेगुलेटर का मानना है कि फ्लाइट ऑपरेशंस की निगरानी और संकट प्रबंधन में नेतृत्व स्तर पर गंभीर चूक हुई, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
जुर्माने का पूरा ब्योरा
जुर्माने के घटक
22.2 करोड़ रुपये के कुल जुर्माने में कई घटक शामिल हैं। DGCA के अनुसार, नियमों का 68 दिनों तक पालन न करने के कारण IndiGo पर प्रतिदिन 30 लाख रुपये के हिसाब से जुर्माना लगाया गया, जो कुल राशि का बड़ा हिस्सा है। इसके अलावा, सिस्टम से जुड़ी खामियों और प्रक्रियागत उल्लंघनों के लिए 1.8 करोड़ रुपये का एकमुश्त 'सिस्टमैटिक पेनल्टी' भी शामिल की गई है।
यात्रियों के हितों की सुरक्षा पर जोर
DGCA की चेतावनी
DGCA ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और भरोसा सर्वोपरि है। रेगुलेटर ने एयरलाइंस को चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। IndiGo से अपेक्षा की गई है कि वह अपने सिस्टम, प्रबंधन और संकट प्रबंधन प्रक्रियाओं को मजबूत करे ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।