Meta Platforms में छंटनी: 1000 से अधिक कर्मचारियों की नौकरी गई, VR प्रोजेक्ट्स पर असर
नई दिल्ली में Meta की नई छंटनी
नई दिल्ली। मार्क जुकरबर्ग की कंपनी Meta Platforms ने अपने कर्मचारियों को एक बार फिर से बड़ा झटका दिया है। इस बार छंटनी का असर कंपनी के 'रियलिटी लैब्स' डिविजन पर पड़ा है, जो वर्चुअल रियलिटी (VR) और मेटावर्स से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करता है।
जुकरबर्ग का मेटावर्स से मोहभंग
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, मेटा अपनी प्राथमिकताओं में बदलाव कर रहा है। कंपनी के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग अब मेटावर्स के बड़े दांवों से पीछे हटकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और स्मार्ट वियरेबल्स (जैसे स्मार्ट ग्लास) पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इसी कारण से लगभग 1000 भूमिकाएं समाप्त कर दी गई हैं।
तीन गेमिंग स्टूडियो का बंद होना
इस पुनर्गठन के तहत, मेटा ने अपने तीन इन-हाउस वर्चुअल रियलिटी गेमिंग स्टूडियो को बंद करने का निर्णय लिया है। इनमें Armature, Sanzaru और Twisted Pixel शामिल हैं, जो Quest प्लेटफॉर्म के लिए गेम्स और कंटेंट विकसित करते थे। हालांकि, मेटा ने पांच अन्य स्टूडियो को बनाए रखा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि कंपनी VR गेमिंग को पूरी तरह नहीं छोड़ रही है, लेकिन अब वह केवल चुनिंदा और लाभकारी प्रोजेक्ट्स पर ध्यान देगी।
अनुभव का कोई महत्व नहीं
LinkedIn पर मेटा के पूर्व कर्मचारियों के पोस्ट की बाढ़ आई हुई है। इस छंटनी में अनुभव का कोई मापदंड नहीं रखा गया। निकाले गए कर्मचारियों में वे भी शामिल हैं जो मेटा में एक साल से कम समय से थे, और वे भी जो पिछले 8-10 वर्षों से कंपनी के साथ जुड़े थे।
छंटनी का कारण
इसका मुख्य कारण आर्थिक घाटा है। रियलिटी लैब्स विभाग लंबे समय से मेटा के लिए भारी नुकसान का कारण बन रहा है। हालिया तिमाही के नतीजों के अनुसार, इस यूनिट ने केवल $470 मिलियन का राजस्व अर्जित किया, जबकि उसे 4.4 बिलियन डॉलर का भारी नुकसान हुआ। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी अपना निवेश मेटावर्स से हटाकर वियरेबल्स की ओर स्थानांतरित कर रही है। यह छंटनी उसी प्रयास का हिस्सा है, ताकि बचाए गए पैसे को AI और नई तकनीकों के विकास में लगाया जा सके।