NALSAR विवाद: छात्रों के प्रदर्शन के बीच BCI अध्यक्ष का इस्तीफा मांगने का मामला
NALSAR विवाद का विस्तार
NALSAR विवाद: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 20 अगस्त को होने वाले लीगल कॉकरोच प्रदर्शन का समर्थन किया है, जिसमें प्रदर्शनकारी मनन मिश्रा के इस्तीफे की मांग करेंगे। यह विवाद NALSAR यूनिवर्सिटी के 2026 बैच के लॉ छात्रों के रजिस्ट्रेशन से जुड़ा है। BCI अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने राज्य बार काउंसिलों को निर्देश दिया था कि अगले आदेश तक NALSAR से इस साल पास हुए लॉ ग्रेजुएट्स का वकील के तौर पर रजिस्ट्रेशन न किया जाए। इस निर्णय के बाद छात्रों में असंतोष बढ़ गया। स्थिति तब और बिगड़ गई जब चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया, जस्टिस सूर्यकांत ने BCI के हस्तक्षेप पर कड़ी आपत्ति जताई।
CJI ने स्पष्ट किया कि छात्रों और BCI के बीच जो भी मामला है, उसमें BCI को दखल देने का अधिकार नहीं है। इसके बाद BCI ने अपना आदेश वापस ले लिया। स्वतंत्रता दिवस पर, BCI अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने छात्रों से माफी भी मांगी। उन्होंने कहा कि यदि उनके किसी शब्द या पत्र से छात्रों की भावनाएं आहत हुई हैं, तो उन्हें इसका खेद है। लेकिन विवाद यहीं समाप्त नहीं हुआ। अब CJP के लीगल कॉकरोच मनन मिश्रा के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। ऑल इंडिया यंग एडवोकेट्स एसोसिएशन ने इस विरोध-प्रदर्शन का ऐलान किया है, और प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग BCI अध्यक्ष का इस्तीफा है।
क्या हुआ NALSAR में?
वास्तव में, NALSAR के दीक्षांत समारोह में CJI सूर्यकांत को मुख्य अतिथि बनाए जाने का प्रस्ताव था। कुछ छात्रों ने इसका विरोध किया और विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र लिखकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। छात्रों का कहना था कि जिन मुद्दों पर उन्होंने संविधान, नागरिक स्वतंत्रता और असहमति की आवाज को लेकर अपनी बात रखी, वहां CJI के खिलाफ अपनी असहमति जताना उनका अधिकार है।
इसी विवाद के चलते BCI ने छात्रों के खिलाफ रजिस्ट्रेशन का आदेश जारी किया, जिस पर सवाल उठाए गए। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और CJI ने BCI की भूमिका पर सवाल उठाए। अब BCI ने अपना आदेश वापस ले लिया है, और मनन मिश्रा छात्रों से माफी भी मांग चुके हैं, लेकिन विरोध और इस्तीफे की मांग अभी भी जारी है। अब देखना होगा कि इस हल्लाबोल के बाद मनन मिश्रा के खिलाफ उठी इस्तीफे की मांग कितनी दूर तक जाती है।