NDA की महत्वपूर्ण बैठक: पीएम मोदी के रिकॉर्ड और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी का ऐतिहासिक कार्यकाल
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो अब तक के सबसे लंबे समय तक चुने गए प्रधानमंत्री बने हैं, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन करने जा रहे हैं। इस बैठक में उनकी सरकार के 12 साल पूरे होने का जश्न मनाया जाएगा। यह बैठक करीब डेढ़ साल बाद हो रही है और इसमें बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के साथ NDA के सभी प्रमुख सहयोगी दलों के नेता शामिल होंगे। आयोजन स्थल भारत मंडपम है।
नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ने का सफर
नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद, 2019 में उन्होंने दूसरी बार और 2024 में लगातार तीसरी बार सरकार बनाई। 10 जून 2026 को, उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के 4,399 दिनों के कार्यकाल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस प्रकार, मोदी भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं।
बैठक में उपस्थित नेताओं की सूची
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में NDA के 35 सहयोगी दलों के लगभग 75 वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इसमें 22 NDA शासित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी उपस्थित रहेंगे।
बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान जैसे कई प्रमुख नेता भाग लेंगे। इसके अलावा, टीडीपी, जेडीयू, जेडीएस और अपना दल जैसे सहयोगी दलों के नेता भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
मोदी के समर्थन में प्रस्ताव
बैठक में प्रधानमंत्री मोदी की उपलब्धियों पर एक विशेष प्रस्ताव पेश किया जाएगा। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू इस प्रस्ताव को प्रस्तुत करेंगे, जबकि नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो इसके समर्थन में बोल सकते हैं। प्रस्ताव में मोदी के नेतृत्व की सराहना और NDA सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया जाएगा। इसके बाद, प्रधानमंत्री मोदी नेताओं को संबोधित कर सकते हैं।
विकास और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा
बैठक में केवल राजनीतिक मुद्दों पर ही नहीं, बल्कि विकास योजनाओं और 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य पर भी चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, 'ईज ऑफ लिविंग' और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा। प्रधानमंत्री मोदी पहले भी मंत्रियों से कह चुके हैं कि अब फोकस भविष्य के लक्ष्यों और 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने पर होना चाहिए।