NEET-UG 2026 पुनर्परीक्षा विवाद: छात्रों के आरोप और NTA का स्पष्टीकरण
NEET-UG 2026 पुनर्परीक्षा के परिणामों पर विवाद
नई दिल्ली। NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा के परिणामों के बाद एक बार फिर से विवाद उत्पन्न हो गया है। देशभर के सैकड़ों छात्रों ने NTA पर परीक्षा परिणामों में असमानता और अंक कम करने का गंभीर आरोप लगाया है। दूसरी ओर, NTA ने इन आरोपों को खारिज करते हुए सोशल मीडिया पर वायरल हो रही OMR शीट को फर्जी और डिजिटल रूप से संपादित बताया है।
OMR से मिलान के बावजूद अंक कम
देश के विभिन्न हिस्सों से छात्रों ने शिकायत की है कि जब उन्होंने अपनी OMR शीट और आधिकारिक उत्तर कुंजी का मिलान किया, तो उनके अंक अधिक थे, लेकिन फाइनल परिणाम में उन्हें कम अंक मिले।
कानपुर: कानपुर की छात्रा आर्या सिंह ने आरोप लगाया कि री-नीट की उत्तर कुंजी के अनुसार उनके 609 अंक होने चाहिए थे, लेकिन परिणाम में पहले 540 अंक दिखाए गए और फिर दो घंटे बाद यह घटकर 167 रह गए।
अयोध्या: अयोध्या के अभय यादव ने अपनी OMR शीट साझा करते हुए कहा कि उनके 634 अंक होने चाहिए थे, लेकिन स्कोरकार्ड में केवल 164 अंक दिखाए गए हैं। उन्होंने परीक्षा में केवल 5 प्रश्न छोड़े थे, जबकि परिणाम में 45 प्रश्न छूटे हुए दिखाए गए हैं।
महाराष्ट्र और कर्नाटक: महाराष्ट्र के बीड और कर्नाटक के कुछ छात्रों ने भी आरोप लगाया है कि उन्हें 700 से अधिक अंक मिलने चाहिए थे, लेकिन उन्हें 100 से भी कम अंक दिए गए हैं। इससे उनकी रैंक काफी पीछे चली गई है।
NTA का स्पष्टीकरण: छात्रों के विरोध और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद, NTA ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है कि फर्जी OMR फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डिजिटली संपादित शीट: NTA ने लखनऊ की एक छात्रा के मामले का हवाला देते हुए कहा कि छात्रा का 38 अंक का स्कोर सही है। सोशल मीडिया पर जिस OMR शीट को दिखाकर 640 अंक का दावा किया जा रहा है, वह डिजिटल रूप से संपादित है।
AI-जनरेटेड दस्तावेजों का उपयोग: NTA ने चेतावनी दी है कि कई छात्रों द्वारा प्रस्तुत किए गए दावे और OMR शीट नकली या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल का उपयोग करके तैयार की गई हैं।
कड़ी सजा का प्रावधान: NTA ने स्पष्ट किया है कि फर्जी OMR शीट बनाना या उन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित करना पब्लिक एग्जामिनेशन, Prevention of Unfair Means एक्ट, 2024 के तहत एक दंडनीय अपराध है। ऐसे तत्वों और छात्रों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। NTA ने सभी उम्मीदवारों और अभिभावकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक वेबसाइट पर जारी परिणाम को ही सही मानें।