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NEET UG परीक्षा में बुर्का पहनने पर विवाद, अभ्यर्थी ने उठाई आवाज

अजमेर में NEET UG परीक्षा के दौरान एक अभ्यर्थी ने बुर्का पहनने के कारण परीक्षा केंद्र में प्रवेश से रोकने का आरोप लगाया है। कुलसुम बानो ने कहा कि उन्हें NTA की गाइडलाइन के अनुसार तैयार होकर आने के बावजूद दुपट्टा और बुर्का उतारने के लिए कहा गया। उनके पिता ने भी NTA के नियमों का हवाला दिया। पुलिस अधिकारी ने कहा कि सभी छात्रों को समय पर प्रवेश दिया गया है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और अधिकारियों की प्रतिक्रिया।
 

NEET UG परीक्षा में सख्ती का असर

NEET UG परीक्षा के पेपर लीक के बाद दोबारा आयोजित की जा रही परीक्षा में केंद्र सरकार, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और स्थानीय प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। इन सख्त नियमों का असर आम लोगों पर पड़ रहा है। अजमेर में एक अभ्यर्थी ने शिकायत की है कि उसे परीक्षा केंद्र में बुर्का पहनकर प्रवेश नहीं दिया गया, जबकि NTA ने इस पर कोई रोक नहीं लगाई है.


कुलसुम बानो का अनुभव

कुलसुम बानो, जो अजमेर में NEET UG की परीक्षा देने आई थीं, को गेट पर ही रोक दिया गया। उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। उन्होंने NTA की गाइडलाइन के अनुसार तैयारी की थी, फिर भी उन्हें परीक्षा देने से रोका गया। उनका आरोप है कि उन्हें दुपट्टा और बुर्का उतारने के लिए कहा गया। कुलसुम बानो राजस्थान के ब्यावर से हैं.


कुलसुम का बयान

कुलसुम बानो ने कहा, 'मैं NEET का एग्जाम देने ब्यावर से आई हूं। जब मैंने 3 मई को एग्जाम दिया था, तब भी मैंने वही कपड़े पहने थे। पहले कहा गया कि दुपट्टा हटाना होगा, फिर बुर्का भी हटाने के लिए कहा गया। अगर NTA ने हमें अनुमति दी है, तो ये लोग हमें रोक नहीं सकते।'


कुलसुम के पिता का बयान

कुलसुम के पिता मोहम्मद आलिम ने कहा, 'एनटीए के नियम 18 के अनुसार धार्मिक वेश में परीक्षा देने की अनुमति है। उन्होंने महिला स्टाफ को बुलाकर प्राइवेट चेकिंग का प्रस्ताव दिया, लेकिन अधिकारियों ने इसे अस्वीकार कर दिया।'


पुलिस अधिकारी की प्रतिक्रिया

सीओ नॉर्थ शिवम जोशी ने कहा, 'सभी छात्रों को समय पर प्रवेश दिया गया और गेट बंद कर दिए गए। बुर्का को लेकर कुछ स्पष्टता की कमी थी, जिसे वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया। अब मामला सुलझ गया है और सभी छात्र शांति से परीक्षा दे रहे हैं।'